📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Deejayrocks2
अपराध
जयपुर पुलिस ने ई‑कॉमर्स हेल्मेट घोटाला उजागर, 10 लाख रुपये के 200 से अधिक हेल्मेट बरामद
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 23 अक्टू. 2026, 04:31 PM
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जयपुर के ज्योति नगर थाने ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया और 10 लाख रुपये मूल्य के 200 से अधिक ब्लूटूथ हेल्मेट बरामद किए, जो ई‑कॉमर्स पर सस्ते में बेचे जा रहे थे।
जयपुर के ज्योति नगर थाने ने एक अपराधी समूह को उजागर किया, जो ई‑कॉमर्स साइट पर महंगे ब्लूटूथ हेल्मेट को सस्ते दामों पर बेच रहा था। जांच में पता चला कि यह गिरोह उच्च कीमत पर हेल्मेट खरीद कर उन्हें कम कीमत पर ऑनलाइन सूचीबद्ध कर रहा था, जिससे खरीदारों को धोखा हो रहा था।
थाने के अधिकारियों ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान 200 से अधिक ब्लूटूथ‑सक्षम हेल्मेट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत लगभग दस लाख रुपये बताई गई है। इन हेल्मेटों के मॉडल आमतौर पर बाजार में बहुत अधिक दामों पर बिकते हैं।
दो संदिग्धों को धोखाधड़ी, अवैध पुनर्विक्रय और सुरक्षा उपकरणों के नियमों के उल्लंघन के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। मामला जिला न्यायालय को सौंप दिया गया है और पुलिस ने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बेचने वाले ऐसे सामान के बारे में सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस ने कहा कि कम कीमत पर बेचे जाने वाले हेल्मेट नकली या घटिया हो सकते हैं, जो सवारों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। इसलिए उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही सुरक्षा उपकरण खरीदें और संदिग्ध ई‑कॉमर्स लिस्टिंग की सूचना तुरंत दें।
जांच जारी है और अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी समान उल्लंघनों को रोकने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की निगरानी की जाएगी।
थाने के अधिकारियों ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान 200 से अधिक ब्लूटूथ‑सक्षम हेल्मेट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत लगभग दस लाख रुपये बताई गई है। इन हेल्मेटों के मॉडल आमतौर पर बाजार में बहुत अधिक दामों पर बिकते हैं।
दो संदिग्धों को धोखाधड़ी, अवैध पुनर्विक्रय और सुरक्षा उपकरणों के नियमों के उल्लंघन के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। मामला जिला न्यायालय को सौंप दिया गया है और पुलिस ने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बेचने वाले ऐसे सामान के बारे में सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस ने कहा कि कम कीमत पर बेचे जाने वाले हेल्मेट नकली या घटिया हो सकते हैं, जो सवारों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। इसलिए उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही सुरक्षा उपकरण खरीदें और संदिग्ध ई‑कॉमर्स लिस्टिंग की सूचना तुरंत दें।
जांच जारी है और अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी समान उल्लंघनों को रोकने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की निगरानी की जाएगी।