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जबलपुर: ₹2200 करोड़ के बजट के बावजूद सड़कों पर गड्ढे और कचरे के ढेर, कांग्रेस ने किया नगर निगम मुख्यालय का घेराव
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कांग्रेस ने जबलपुर में नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर शहर की बदहाल सड़कों और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि ₹2200 करोड़ के बजट के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
जबलपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन में कांग्रेस पार्षद दल एवं जबलपुर शहर युवा कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर जनहित के मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने शहर की बदहाल सड़कों और जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
कांग्रेस का आरोप है कि ₹2200 करोड़ के विशाल बजट के बावजूद नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। पार्टी ने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है, जिससे शहर में हर तरफ कचरे के ढेर लगे हैं और आम नागरिक परेशान हैं।
इसके अतिरिक्त, शहर की सड़कें भी खस्ताहाल बताई गई हैं। नवनिर्मित सड़कों की स्थिति भी चिंताजनक है और गड्ढों व अव्यवस्थाओं के कारण जनता को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने महापौर द्वारा बड़े बजट की बात कहने पर सवाल उठाया है कि जब इतना बजट उपलब्ध है, तो जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए क्यों जूझना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने मांग की है कि जनता के टैक्स का पैसा केवल कागजों में विकास दिखाने के बजाय, जनता की सुविधाओं पर खर्च किया जाना चाहिए। यह ज्ञापन संस्कारधानी जबलपुर में दुर्गा उत्सव की भव्यता के बीच शहर की अव्यवस्थाओं पर प्रकाश डालता है, जहां दशहरे पर हजारों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने पहुंचते हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि ₹2200 करोड़ के विशाल बजट के बावजूद नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। पार्टी ने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है, जिससे शहर में हर तरफ कचरे के ढेर लगे हैं और आम नागरिक परेशान हैं।
इसके अतिरिक्त, शहर की सड़कें भी खस्ताहाल बताई गई हैं। नवनिर्मित सड़कों की स्थिति भी चिंताजनक है और गड्ढों व अव्यवस्थाओं के कारण जनता को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने महापौर द्वारा बड़े बजट की बात कहने पर सवाल उठाया है कि जब इतना बजट उपलब्ध है, तो जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए क्यों जूझना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने मांग की है कि जनता के टैक्स का पैसा केवल कागजों में विकास दिखाने के बजाय, जनता की सुविधाओं पर खर्च किया जाना चाहिए। यह ज्ञापन संस्कारधानी जबलपुर में दुर्गा उत्सव की भव्यता के बीच शहर की अव्यवस्थाओं पर प्रकाश डालता है, जहां दशहरे पर हजारों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने पहुंचते हैं।