📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Satish Dhawan
विज्ञान
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर ISRO प्रमुख ने कहा, 2035 तक भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा
✍️ Amar Ujala
🗓 24 अग. 2026, 07:54 AM
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राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर ISRO के प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा कि भारत 2035 तक अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिसमें प्रमुख चरणों का विवरण दिया गया।
नई दिल्ली, 24 अगस्त (रॉयटर्स) – राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में ISRO के प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा कि भारत 2035 तक अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन कक्षा में स्थापित करने की योजना बना रहा है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना कई चरणों में आगे बढ़ेगी, जिसमें अगले दशक में मॉड्यूलर आवास और समर्थन लॉन्च वाहन विकसित किए जाएंगे।
सोमनाथ ने कहा कि यह स्टेशन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को दीर्घकालिक मिशन के लिए तैयार करेगा, माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान को सुगम बनाएगा और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का मंच बनेगा। वर्तमान में स्वायत्त डॉकिंग और जीवन‑सहायता प्रणालियों जैसी प्रमुख तकनीकों का परीक्षण चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं की प्रशंसा की और इस पहल को राष्ट्रीय समर्थन देने का आह्वान किया। यह घोषणा ISRO के अगले मानवरहित मिशन, गगनयान, के शुरुआती 2020 के दशक में लॉन्च होने की तैयारी के साथ हुई है।
अंतरिक्ष स्टेशन की समयसीमा भारत की व्यापक अंतरिक्ष रणनीति के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य उपग्रह लॉन्च से आगे बढ़कर गहन अंतरिक्ष अन्वेषण और कक्षा में सतत मानवीय उपस्थिति स्थापित करना है। परियोजना के विस्तृत बजट और योजना को निकट भविष्य में सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा।
सोमनाथ ने कहा कि यह स्टेशन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को दीर्घकालिक मिशन के लिए तैयार करेगा, माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान को सुगम बनाएगा और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का मंच बनेगा। वर्तमान में स्वायत्त डॉकिंग और जीवन‑सहायता प्रणालियों जैसी प्रमुख तकनीकों का परीक्षण चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं की प्रशंसा की और इस पहल को राष्ट्रीय समर्थन देने का आह्वान किया। यह घोषणा ISRO के अगले मानवरहित मिशन, गगनयान, के शुरुआती 2020 के दशक में लॉन्च होने की तैयारी के साथ हुई है।
अंतरिक्ष स्टेशन की समयसीमा भारत की व्यापक अंतरिक्ष रणनीति के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य उपग्रह लॉन्च से आगे बढ़कर गहन अंतरिक्ष अन्वेषण और कक्षा में सतत मानवीय उपस्थिति स्थापित करना है। परियोजना के विस्तृत बजट और योजना को निकट भविष्य में सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा।