📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Quick2011wiki
शिक्षा
इंदौर के छात्रों ने यूनिवर्सिटी का गेट तोड़कर सीधे छात्र संघ चुनाव की मांग की
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 19 अग. 2026, 07:03 PM
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इंदौर के छात्रों ने सीधे छात्र संघ चुनाव की मांग में विश्वविद्यालय का मुख्य गेट तोड़ दिया, पुलिस ने दस छात्रों पर मामला दर्ज किया।
इंदौर, मध्य प्रदेश – छात्रों ने सितंबर में निर्धारित छात्र संघ चुनाव को सीधे मतदान द्वारा कराने की मांग में विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने गुस्सा दिखाते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को तोड़ दिया।
छात्र संघों ने मौजूदा अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली को असंतोषजनक बताया और इसे प्रतिनिधित्व में बाधा मानते हुए सीधा मतदान की मांग की। भीड़ के बढ़ते दबाव से गेट को नुकसान पहुँचा, जिससे कैंपस सुरक्षा को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस ने इस घटना में शामिल दस छात्रों के खिलाफ संपत्ति क्षति और सार्वजनिक अशांति के आरोप में केस दर्ज किया। आगे की कानूनी कार्यवाही के विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर यह घटना छात्र समुदाय में चुनाव सुधार की मांग को उजागर करती है।
विश्वविद्यालय ने इस मामले की आंतरिक जांच का आदेश दिया है और छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का आग्रह किया है। इस मुद्दे पर आगामी प्रशासनिक बैठकों में चर्चा होने की संभावना है।
स्थानीय मीडिया और शैक्षणिक निगरानी समूह इस घटना पर नज़र रख रहे हैं, यह देख रहे हैं कि विश्वविद्यालय और राज्य शिक्षा विभाग सीधे चुनाव की मांग को कैसे संबोधित करेंगे।
छात्र संघों ने मौजूदा अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली को असंतोषजनक बताया और इसे प्रतिनिधित्व में बाधा मानते हुए सीधा मतदान की मांग की। भीड़ के बढ़ते दबाव से गेट को नुकसान पहुँचा, जिससे कैंपस सुरक्षा को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस ने इस घटना में शामिल दस छात्रों के खिलाफ संपत्ति क्षति और सार्वजनिक अशांति के आरोप में केस दर्ज किया। आगे की कानूनी कार्यवाही के विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर यह घटना छात्र समुदाय में चुनाव सुधार की मांग को उजागर करती है।
विश्वविद्यालय ने इस मामले की आंतरिक जांच का आदेश दिया है और छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का आग्रह किया है। इस मुद्दे पर आगामी प्रशासनिक बैठकों में चर्चा होने की संभावना है।
स्थानीय मीडिया और शैक्षणिक निगरानी समूह इस घटना पर नज़र रख रहे हैं, यह देख रहे हैं कि विश्वविद्यालय और राज्य शिक्षा विभाग सीधे चुनाव की मांग को कैसे संबोधित करेंगे।