📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NASA
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राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 9 बिलियन डॉलर, लक्ष्य 40‑45 बिलियन
✍️ Mid-Day
🗓 23 अग. 2026, 02:49 PM
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राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 पर भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र की कीमत 9 बिलियन डॉलर बताई गई, भविष्य में इसे 40‑45 बिलियन डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की तेज़ी से बढ़ती आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डाला गया। इस मूल्यांकन के अनुसार, इस क्षेत्र की वर्तमान कीमत लगभग नौ बिलियन अमेरिकी डॉलर है।
मिड‑डे की रिपोर्ट में उद्धृत विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले दशक में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था की कीमत चालीस से पैंतालीस बिलियन डॉलर के बीच पहुँच सकती है, जिससे उपग्रह सेवाओं, प्रक्षेपण क्षमताओं और डाउनस्ट्रीम अनुप्रयोगों की मांग में वृद्धि दर्शाती है।
यह विस्तार रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा और घरेलू व विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा, जिससे भारत वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है। इस वृद्धि से दूरसंचार, नेविगेशन और पृथ्वी‑निरीक्षण जैसी संबंधित उद्योगों को भी बल मिलेगा।
नीति निर्माताओं के लिए यह आंकड़े अनुसंधान, बुनियादी ढाँचा और नियामक ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में समर्थन को सुदृढ़ करने का संकेत हैं, जिससे वाणिज्यिक अंतरिक्ष गतिविधियों को गति मिलेगी।
मिड‑डे की रिपोर्ट में उद्धृत विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले दशक में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था की कीमत चालीस से पैंतालीस बिलियन डॉलर के बीच पहुँच सकती है, जिससे उपग्रह सेवाओं, प्रक्षेपण क्षमताओं और डाउनस्ट्रीम अनुप्रयोगों की मांग में वृद्धि दर्शाती है।
यह विस्तार रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा और घरेलू व विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा, जिससे भारत वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है। इस वृद्धि से दूरसंचार, नेविगेशन और पृथ्वी‑निरीक्षण जैसी संबंधित उद्योगों को भी बल मिलेगा।
नीति निर्माताओं के लिए यह आंकड़े अनुसंधान, बुनियादी ढाँचा और नियामक ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में समर्थन को सुदृढ़ करने का संकेत हैं, जिससे वाणिज्यिक अंतरिक्ष गतिविधियों को गति मिलेगी।