📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Fee
मौसम
भारत के जलाशयों में पिछले साल की तुलना में पानी की मात्रा में गिरावट
✍️ The Times of India
🗓 03 नव. 2026, 03:32 AM
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नवीनतम आंकड़े दिखाते हैं कि भारत के जलाशयों में पानी की मात्रा पिछले साल के समान समय की तुलना में काफी कम है, जिससे कृषि और पेयजल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि सेंट्रल वाटर कमिशन द्वारा जारी नवीनतम आंकड़े दर्शाते हैं कि देश भर के प्रमुख जलाशयों में पानी की मात्रा में स्पष्ट गिरावट आई है। पिछले साल के समान समय की तुलना में कुल जलभंडारण में उल्लेखनीय कमी देखी गई है, जिससे सिंचाई और पेयजल आपूर्ति पर संभावित दबाव का संकेत मिला है।
गंगा, ब्रह्मपुत्र और कृष्णा जैसे प्रमुख नदियों के जलाशयों में स्तर मौसमी औसत से कम रहे हैं। जबकि प्रत्येक क्षेत्र में गिरावट का प्रतिशत अलग‑अलग हो सकता है, समग्र रूप से यह कमी फसल बोआई के समयसारणी और शहरी जल वितरण को प्रभावित कर सकती है।
जल संसाधन प्रबंधक राज्यों से जल‑संरक्षण उपाय अपनाने और मानसून के आगमन से पहले उपयोग पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह कर रहे हैं। घटते जलभंडारण ने पर्याप्त वर्षा और कुशल जल‑प्रबंधन की आवश्यकता को और उजागर किया है, जिससे किसानों और शहरवासियों दोनों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।
हितधारक आगामी मानसून के पूर्वानुमानों पर नज़र रख रहे हैं, आशा है कि पर्याप्त बारिश आने वाले महीनों में घटते जलाशयों को पुनः भर देगी।
गंगा, ब्रह्मपुत्र और कृष्णा जैसे प्रमुख नदियों के जलाशयों में स्तर मौसमी औसत से कम रहे हैं। जबकि प्रत्येक क्षेत्र में गिरावट का प्रतिशत अलग‑अलग हो सकता है, समग्र रूप से यह कमी फसल बोआई के समयसारणी और शहरी जल वितरण को प्रभावित कर सकती है।
जल संसाधन प्रबंधक राज्यों से जल‑संरक्षण उपाय अपनाने और मानसून के आगमन से पहले उपयोग पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह कर रहे हैं। घटते जलभंडारण ने पर्याप्त वर्षा और कुशल जल‑प्रबंधन की आवश्यकता को और उजागर किया है, जिससे किसानों और शहरवासियों दोनों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।
हितधारक आगामी मानसून के पूर्वानुमानों पर नज़र रख रहे हैं, आशा है कि पर्याप्त बारिश आने वाले महीनों में घटते जलाशयों को पुनः भर देगी।