📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Fee
मौसम
भारत की मानसून में 13% कमी, बारिश में असमानता बढ़ी
✍️ India Today
🗓 22 अग. 2026, 09:17 AM
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भारतीय मौसम विभाग ने इस वर्ष की मानसून में 13% कमी बताई, जबकि वर्षा का वितरण क्षेत्रों में असमान है।
भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि इस वर्ष की मानसून औसत से 13% कम रही, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण कमी है। यह आंकड़ा जुलाई के अंत तक एकत्रित वर्षा डेटा पर आधारित है और सामान्य से धीमी शुरुआत तथा कम तीव्रता को दर्शाता है।
विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह कमी समान नहीं है; उत्तर‑पूर्व और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य या उससे अधिक वर्षा हुई, जबकि पश्चिमी और दक्षिणी प्रायद्वीप के बड़े क्षेत्रों में वर्षा काफी कम रही। इस असमानता ने जल‑समृद्ध और जल‑संकटग्रस्त क्षेत्रों के बीच अंतर को बढ़ा दिया है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि असमान मानसून से बुवाई के समय‑सारणी पर दबाव पड़ेगा, विशेषकर धान और दाल जैसी बौछार‑निर्भर फसलों पर। कई राज्यों में जलाशयों का स्तर भी घट रहा है, जिससे केंद्र सरकार अतिरिक्त सिंचाई उपायों पर विचार कर रही है और किसान तनाव की निगरानी कर रही है।
विभाग ने आने वाले हफ्तों में हल्की सुधार की संभावना जताई है, परन्तु यदि शेष मानसून के हफ्ते पर्याप्त वर्षा नहीं लाते हैं तो कुल कमी बनी रह सकती है।
विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह कमी समान नहीं है; उत्तर‑पूर्व और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य या उससे अधिक वर्षा हुई, जबकि पश्चिमी और दक्षिणी प्रायद्वीप के बड़े क्षेत्रों में वर्षा काफी कम रही। इस असमानता ने जल‑समृद्ध और जल‑संकटग्रस्त क्षेत्रों के बीच अंतर को बढ़ा दिया है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि असमान मानसून से बुवाई के समय‑सारणी पर दबाव पड़ेगा, विशेषकर धान और दाल जैसी बौछार‑निर्भर फसलों पर। कई राज्यों में जलाशयों का स्तर भी घट रहा है, जिससे केंद्र सरकार अतिरिक्त सिंचाई उपायों पर विचार कर रही है और किसान तनाव की निगरानी कर रही है।
विभाग ने आने वाले हफ्तों में हल्की सुधार की संभावना जताई है, परन्तु यदि शेष मानसून के हफ्ते पर्याप्त वर्षा नहीं लाते हैं तो कुल कमी बनी रह सकती है।