📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Karthikndr
बिज़नेस
भारत की गिग इकोनॉमी ने युलु को दिया नया जीवन
✍️ themorningcontext.com
🗓 02 सित. 2026, 09:40 AM
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गिग कार्य की बढ़ती मांग ने युलु को स्थिरता प्रदान की है।
युलु, जो शहरी छोटे सफ़र के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर प्रदान करता है, इस वर्ष की शुरुआत में वित्तीय दबाव का सामना कर रहा था।
स्विगी, ज़ोमैटो और उबर जैसे गिग प्लेटफ़ॉर्म के तेज़ विस्तार ने किफ़ायती लास्ट‑माइल परिवहन की मांग बढ़ा दी, जिससे कई डिलीवरी साझेदार युलु के वाहनों को अपनाने लगे।
उपयोग में वृद्धि ने किराया आय में बढ़ोतरी की, जिससे युलु को अल्पकालिक फंडिंग मिल सकी और उसका संचालन जारी रहा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना दिखाती है कि एक मजबूत गिग इकोनॉमी उभरते मोबिलिटी कंपनियों के लिए जीवनरेखा बन सकती है।
आगे देखते हुए, युलु अपने बेड़े का विस्तार करने और गिग प्लेटफ़ॉर्म के साथ गहरी साझेदारी करने की योजना बना रहा है, ताकि वर्तमान गति को बनाए रखा जा सके।
स्विगी, ज़ोमैटो और उबर जैसे गिग प्लेटफ़ॉर्म के तेज़ विस्तार ने किफ़ायती लास्ट‑माइल परिवहन की मांग बढ़ा दी, जिससे कई डिलीवरी साझेदार युलु के वाहनों को अपनाने लगे।
उपयोग में वृद्धि ने किराया आय में बढ़ोतरी की, जिससे युलु को अल्पकालिक फंडिंग मिल सकी और उसका संचालन जारी रहा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना दिखाती है कि एक मजबूत गिग इकोनॉमी उभरते मोबिलिटी कंपनियों के लिए जीवनरेखा बन सकती है।
आगे देखते हुए, युलु अपने बेड़े का विस्तार करने और गिग प्लेटफ़ॉर्म के साथ गहरी साझेदारी करने की योजना बना रहा है, ताकि वर्तमान गति को बनाए रखा जा सके।