📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ReservoirHill or Hugh Pickens
कृषि
भारत में कृषि कचरा बन रहा लाभदायक: बायोचार व बायोगैस से नई ग्रामीण अर्थव्यवस्था
✍️ BusinessLine
🗓 27 सित. 2026, 05:17 AM
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कृषि अवशेषों को बायोचार व बायोगैस में बदलकर किसानों को आय मिल रही है और कचरा घट रहा है।
भारत की कृषि क्षेत्र अब फसल के अवशेषों को बायोचार और बायोगैस में बदलकर नई आय के स्रोत बना रहा है। यह प्रक्रिया न केवल बाजार योग्य उत्पाद देती है, बल्कि ग्रामीण घरों को स्वच्छ ऊर्जा भी उपलब्ध कराती है। किसान निजी कंपनियों और सहकारी समितियों के साथ मिलकर छोटे स्तर के डाइजेस्टर और पायरोलीसिस इकाइयाँ स्थापित कर रहे हैं, जिससे कचरा निपटान की समस्या को आय में बदला जा रहा है। खुले में जलाने की कमी से वायु प्रदूषण घटता है, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होता है और बायोचार से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है। विशेषज्ञ इस प्रवृत्ति को सतत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं, जो राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के साथ भी मेल खाती है।