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बिज़नेस
अदृश्य अनौपचारिक श्रमिकों से भारत का $5 ट्रिलियन लक्ष्य खतरे में, CSR जर्नल
✍️ The CSR Journal
🗓 21 अग. 2026, 05:48 AM
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CSR जर्नल का मानना है कि अनौपचारिक श्रमिकों को नजरअंदाज़ करने से भारत $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था नहीं बना पाएगा।
CSR जर्नल ने एक संपादकीय में कहा है कि भारत के $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में एक बुनियादी बाधा है। यह बताता है कि बड़ी संख्या में श्रमिक अनौपचारिक क्षेत्र में काम करते हैं, जहाँ उन्हें औपचारिक क्रेडिट, सामाजिक सुरक्षा और उत्पादकता के लाभ नहीं मिलते। लेख में कहा गया है कि इन श्रमिकों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल किए बिना देश को संभावित उत्पादन, कर राजस्व और समावेशी विकास का बड़ा हिस्सा खोना पड़ेगा, जो $5 ट्रिलियन लक्ष्य के लिये आवश्यक है। यह सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना और अनौपचारिक उद्यमों को औपचारिक बनाना जैसी नीतियों की मांग करता है। अंत में यह कहा गया है कि अनौपचारिक श्रमिकों को शामिल करके ही समावेशी विकास संभव है और इससे ही अनुमानित जीडीपी लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।