📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
रक्षा
भारत ने 500 किमी रेंज वाला प्रलय क्वासी‑बैलिस्टिक मिसाइल सफलतापूर्वक परीक्षण किया
✍️ India Today
🗓 05 नव. 2026, 11:36 PM
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डीआरडीओ ने प्रलय मिसाइल का परीक्षण किया, जिसमें 500 किमी की दूरी और 1 टन पेलोड क्षमता सिद्ध हुई।
एक हालिया परीक्षण में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी प्रलय क्वासी‑बैलिस्टिक मिसाइल का उड़ान परीक्षण किया। यह मिसाइल 500 किलोमीटर तक की दूरी तय कर 1,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती है, जो रक्षा मंत्रालय द्वारा घोषित तकनीकी मानकों को पूरा करती है।
परीक्षण नियंत्रित परिस्थितियों में किया गया, जिसमें टेलीमेट्री और ट्रैकिंग सिस्टम ने मिसाइल की मार्ग, गति और प्रभाव पैरामीटरों को निरंतर मॉनीटर किया। अभियंताओं ने बताया कि मिसाइल ने नियोजित क्वासी‑बैलिस्टिक उड़ान प्रोफ़ाइल का पालन किया, जिससे उसके प्रोपल्शन और मार्गनिर्देशन उपप्रणालियों की कार्यक्षमता सिद्ध हुई।
प्रलय की सफल पुष्टि भारत के शॉर्ट‑रेंज स्ट्राइक क्षमता में एक नया विकल्प जोड़ती है, जिससे सेना और नौसेना दोनों को लाभ होगा। रक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह प्रणाली मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को पूरक करेगी और स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लक्ष्य को सुदृढ़ करेगी।
DRDO आगे और परीक्षणों की योजना बना रहा है ताकि मिसाइल को परिचालन मान्यता मिल सके और इसे विभिन्न सेवाओं के लॉन्च प्लेटफ़ॉर्म में एकीकृत किया जा सके। सेवा में शामिल होने पर प्रलय भारत की क्षेत्रीय प्रतिरोध शक्ति को मजबूत करेगा।
परीक्षण नियंत्रित परिस्थितियों में किया गया, जिसमें टेलीमेट्री और ट्रैकिंग सिस्टम ने मिसाइल की मार्ग, गति और प्रभाव पैरामीटरों को निरंतर मॉनीटर किया। अभियंताओं ने बताया कि मिसाइल ने नियोजित क्वासी‑बैलिस्टिक उड़ान प्रोफ़ाइल का पालन किया, जिससे उसके प्रोपल्शन और मार्गनिर्देशन उपप्रणालियों की कार्यक्षमता सिद्ध हुई।
प्रलय की सफल पुष्टि भारत के शॉर्ट‑रेंज स्ट्राइक क्षमता में एक नया विकल्प जोड़ती है, जिससे सेना और नौसेना दोनों को लाभ होगा। रक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह प्रणाली मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को पूरक करेगी और स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लक्ष्य को सुदृढ़ करेगी।
DRDO आगे और परीक्षणों की योजना बना रहा है ताकि मिसाइल को परिचालन मान्यता मिल सके और इसे विभिन्न सेवाओं के लॉन्च प्लेटफ़ॉर्म में एकीकृत किया जा सके। सेवा में शामिल होने पर प्रलय भारत की क्षेत्रीय प्रतिरोध शक्ति को मजबूत करेगा।