📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
राजनीति
भारत ने 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए, देशव्यापी विरोध भड़के
✍️ The New York Times
🗓 07 अक्टू. 2026, 08:17 AM
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इलेक्शन कमीशन ने मतदाता पंजीकरण से 13 करोड़ नाम हटाए, इस कदम से पूरे देश में मोदी सरकार के खिलाफ विरोध भड़क गया।
इलेक्शन कमीशन ने 13 करोड़ नामों को मतदाता पंजीकरण से हटाने की घोषणा की, जिसे पुरानी और डुप्लिकेट प्रविष्टियों के कारण समझाया गया।
यह अपडेट आगामी आम चुनावों से पहले राष्ट्रीय मतदाता सूची को सुव्यवस्थित करने के लिए एक नियमित ऑडिट का हिस्सा था। परंतु इस बड़े पैमाने पर हटाने से विपक्षी दलों और नागरिक समाज समूहों की आलोचना हुई।
प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख शहरों में जुटकर प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयबद्धता पर सवाल उठाए। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह हटाना ग्रामीण और वंचित समुदायों को असमान रूप से प्रभावित करता है।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी, परंतु इस विरोध ने मतदाता पंजीकरण में अधिक निगरानी और जवाबदेही की मांग को बढ़ा दिया है।
यह अपडेट आगामी आम चुनावों से पहले राष्ट्रीय मतदाता सूची को सुव्यवस्थित करने के लिए एक नियमित ऑडिट का हिस्सा था। परंतु इस बड़े पैमाने पर हटाने से विपक्षी दलों और नागरिक समाज समूहों की आलोचना हुई।
प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख शहरों में जुटकर प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयबद्धता पर सवाल उठाए। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह हटाना ग्रामीण और वंचित समुदायों को असमान रूप से प्रभावित करता है।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी, परंतु इस विरोध ने मतदाता पंजीकरण में अधिक निगरानी और जवाबदेही की मांग को बढ़ा दिया है।