📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Press Information Bureau India Government of India
अपराध
₹36.4 लाख के पोस्ट ऑफिस धोखाधड़ी में भारत डाक कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया
✍️ The Economic Times
🗓 30 अक्टू. 2026, 10:38 AM
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मध्य प्रदेश के भारत डाक कर्मचारियों को राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और टर्म डिपॉज़िट खातों से ₹36.4 लाख की धोखाधड़ी के लिए दोषी ठहराया गया।
मध्य प्रदेश के एक न्यायालय में हाल ही में भारत डाक कर्मचारियों के एक समूह को ₹36.4 लाख की धोखाधड़ी के लिए दोषी ठहराया गया, जिसमें राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) और टर्म डिपॉज़िट खातों से धन की चोरी शामिल थी। अभियुक्तों पर खाते के रिकॉर्ड में फेरबदल कर अनधिकृत निकासी करने का आरोप लगाया गया।
धोखाधड़ी एक आंतरिक ऑडिट के दौरान उजागर हुई, जिसमें NSC और टर्म डिपॉज़िट के लेजर में असंगतियाँ पाई गईं। जांचकर्ताओं ने पता लगाया कि गायब राशि अभियुक्त कर्मचारियों द्वारा की गई गलत प्रविष्टियों और अनधिकृत लेनदेन से हुई।
दोषी ठहराए गए अधिकारियों को भारतीय दंड संहिता के तहत कारावास और जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। यह मामला डाक विभाग द्वारा प्रबंधित बचत योजनाओं पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता को दर्शाता है।
भारत डाक ने आंतरिक नियंत्रण को मजबूत करने के कदम उठाने की घोषणा की है, जिसमें बचत खातों की निगरानी को बढ़ाना और स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा नियमित ऑडिट शामिल हैं।
इस घटना के बाद संचार मंत्रालय ने पूरे देश में पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं के सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
धोखाधड़ी एक आंतरिक ऑडिट के दौरान उजागर हुई, जिसमें NSC और टर्म डिपॉज़िट के लेजर में असंगतियाँ पाई गईं। जांचकर्ताओं ने पता लगाया कि गायब राशि अभियुक्त कर्मचारियों द्वारा की गई गलत प्रविष्टियों और अनधिकृत लेनदेन से हुई।
दोषी ठहराए गए अधिकारियों को भारतीय दंड संहिता के तहत कारावास और जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। यह मामला डाक विभाग द्वारा प्रबंधित बचत योजनाओं पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता को दर्शाता है।
भारत डाक ने आंतरिक नियंत्रण को मजबूत करने के कदम उठाने की घोषणा की है, जिसमें बचत खातों की निगरानी को बढ़ाना और स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा नियमित ऑडिट शामिल हैं।
इस घटना के बाद संचार मंत्रालय ने पूरे देश में पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं के सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।