📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Secretary of Defense
विदेश
भारत ने नेपाल बाढ़ राहत को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा
✍️ Asianet Newsable
🗓 28 अग. 2026, 05:18 PM
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत नेपाल में हालिया बाढ़ के लिए राहत कार्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मान रहा है, जिससे दो देशों के निकट संबंधों पर ज़ोर दिया गया।
नई दिल्ली – विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मीडिया को बताया कि भारत ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत कार्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बना लिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने बचाव दल, चिकित्सा सहायता और आवश्यक वस्तुएँ प्रदान करने के लिए संसाधनों को तैनात किया है।
जयशंकर ने दोनों देशों के दीर्घकालिक मित्रता पर प्रकाश डाला और त्वरित सहायता के महत्व को रेखांकित किया, जिससे जीवन और आजीविका को और नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय तंत्र पहले से स्थापित है, जिससे मदद सबसे ज़रूरतमंद लोगों तक शीघ्र पहुँच सके।
बाढ़ ने नेपाल के कई प्रांतों में नदियों को उफान पर ला दिया है और भू-स्खलन भी हुए हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं और परिवहन व विद्युत नेटवर्क बाधित हो गए हैं। भारत की प्रतिक्रिया, मंत्री के अनुसार, केंद्र और राज्य दोनों एजेंसियों को नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने में शामिल करेगी।
सहायता की सटीक मात्रा अभी घोषित नहीं की गई है, परंतु मंत्री ने आश्वासन दिया कि स्थिति के अनुसार सहायता को बढ़ाया जाएगा, जिससे संकट के समय नेपाल के साथ भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट हो।
जयशंकर ने दोनों देशों के दीर्घकालिक मित्रता पर प्रकाश डाला और त्वरित सहायता के महत्व को रेखांकित किया, जिससे जीवन और आजीविका को और नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय तंत्र पहले से स्थापित है, जिससे मदद सबसे ज़रूरतमंद लोगों तक शीघ्र पहुँच सके।
बाढ़ ने नेपाल के कई प्रांतों में नदियों को उफान पर ला दिया है और भू-स्खलन भी हुए हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं और परिवहन व विद्युत नेटवर्क बाधित हो गए हैं। भारत की प्रतिक्रिया, मंत्री के अनुसार, केंद्र और राज्य दोनों एजेंसियों को नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने में शामिल करेगी।
सहायता की सटीक मात्रा अभी घोषित नहीं की गई है, परंतु मंत्री ने आश्वासन दिया कि स्थिति के अनुसार सहायता को बढ़ाया जाएगा, जिससे संकट के समय नेपाल के साथ भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट हो।