📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Survey of India, Government of India
बिज़नेस
ब्लूमबर्गएनईएफ की रिपोर्ट, चीन के बाहर एपीएसी में भारत सबसे बड़ा डेटा सेंटर बाजार
✍️ Telangana Today
🗓 21 अग. 2026, 04:38 PM
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ब्लूमबर्गएनईएफ के नवीनतम विश्लेषण में भारत एशिया‑पैसिफिक डेटा सेंटर बाजार में चीन को छोड़कर सबसे आगे है।
ब्लूमबर्गएनईएफ, जो स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान में अग्रणी है, ने बताया है कि चीन को छोड़कर एशिया‑पैसिफिक क्षेत्र में भारत सबसे बड़ा डेटा सेंटर बाजार बन गया है। यह आंकड़ा देश में क्लाउड सेवाओं, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और एंटरप्राइज़ आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि का कारण तेज़ इंटरनेट पहुँच, विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने वाली सरकारी नीतियां और हाई‑कैपेसिटी फाइबर नेटवर्क का विस्तार है। कई वैश्विक क्लाउड प्रदाताओं ने टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है, जिससे पारंपरिक हब से परे क्षमता बढ़ेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंगापुर, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य एपीएसी देशों के डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित हो रहे हैं, पर भारत में निवेश का पैमाना और क्षमता वृद्धि उन्हें पीछे छोड़ रही है। विश्लेषकों का अनुमान है कि व्यवसायों के डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन के तेज़ी से आगे बढ़ने के साथ यह रुझान जारी रहेगा।
ब्लूमबर्गएनईएफ की यह जानकारी भारत को डेटा संग्रह और प्रोसेसिंग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है, जिससे आगे के वर्षों में अधिक पूंजी और तकनीकी साझेदारियों को आकर्षित करने की संभावना बढ़ती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि का कारण तेज़ इंटरनेट पहुँच, विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने वाली सरकारी नीतियां और हाई‑कैपेसिटी फाइबर नेटवर्क का विस्तार है। कई वैश्विक क्लाउड प्रदाताओं ने टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है, जिससे पारंपरिक हब से परे क्षमता बढ़ेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंगापुर, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य एपीएसी देशों के डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित हो रहे हैं, पर भारत में निवेश का पैमाना और क्षमता वृद्धि उन्हें पीछे छोड़ रही है। विश्लेषकों का अनुमान है कि व्यवसायों के डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन के तेज़ी से आगे बढ़ने के साथ यह रुझान जारी रहेगा।
ब्लूमबर्गएनईएफ की यह जानकारी भारत को डेटा संग्रह और प्रोसेसिंग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है, जिससे आगे के वर्षों में अधिक पूंजी और तकनीकी साझेदारियों को आकर्षित करने की संभावना बढ़ती है।