📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Colin Cooke Photo
मौसम
ओडिशा में कम दबाव और संभावित चक्रवात चेतावनी जारी, आईएमडी ने अलर्ट जारी किया
✍️ Kanak News Odisha
🗓 21 अक्टू. 2026, 12:16 PM
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भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कम दबाव चेतावनी जारी की और बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात की चेतावनी दी, ओडिशा को सतर्क किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव प्रणाली के विकास की सूचना दी है। मौसम विज्ञानों ने कहा कि यह प्रणाली अगले 48 घंटों में चक्रवात में बदल सकती है, इसलिए अधिकारियों ने स्थिति को कड़ी नजर में रखने का निर्देश दिया है।
आईएमडी के मॉडल दर्शाते हैं कि यह व्यवधान उत्तर‑पश्चिम दिशा में ओडिशा के तट की ओर बढ़ेगा, और यदि तेज़ी से विकसित हुआ तो हवा की गति 50‑60 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है। तटीय जिलों के निवासियों को सतर्क रहने और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अपडेट का पालन करने की सलाह दी गई है।
विभाग ने प्रारम्भिक चेतावनी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया है, जिससे मछुआरों को खुले पानी में जाने से रोकने और संवेदनशील समुदायों को आपातकालीन किट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। प्रणाली के विकास के अनुसार आगे के बुलेटिन जारी किए जाएंगे।
राज्य अधिकारियों ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ समन्वय कर राहत सामग्री की अग्रिम व्यवस्था और तटीय क्षेत्रों में बचाव दलों की तैनाती सुनिश्चित की है।
यह चेतावनी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक प्रणाली विघटित न हो या भारतीय तट से दूर न हो जाए, और आज के बाद की अगली विस्तृत अपडेट जारी की जाएगी।
आईएमडी के मॉडल दर्शाते हैं कि यह व्यवधान उत्तर‑पश्चिम दिशा में ओडिशा के तट की ओर बढ़ेगा, और यदि तेज़ी से विकसित हुआ तो हवा की गति 50‑60 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है। तटीय जिलों के निवासियों को सतर्क रहने और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अपडेट का पालन करने की सलाह दी गई है।
विभाग ने प्रारम्भिक चेतावनी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया है, जिससे मछुआरों को खुले पानी में जाने से रोकने और संवेदनशील समुदायों को आपातकालीन किट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। प्रणाली के विकास के अनुसार आगे के बुलेटिन जारी किए जाएंगे।
राज्य अधिकारियों ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ समन्वय कर राहत सामग्री की अग्रिम व्यवस्था और तटीय क्षेत्रों में बचाव दलों की तैनाती सुनिश्चित की है।
यह चेतावनी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक प्रणाली विघटित न हो या भारतीय तट से दूर न हो जाए, और आज के बाद की अगली विस्तृत अपडेट जारी की जाएगी।