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इलाज से पहले सुरक्षा का संकल्प प्रशिक्षण का आयोजन
Health

इलाज से पहले सुरक्षा का संकल्प प्रशिक्षण का आयोजन

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 16 Sep 2026, 09:45 AM 👁 72
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पटना एम्स में इलाज करने से पहले एम्स पटना में मेडिकल इंटरस को मिला पेशेंट सेफ्टी का प्रशिक्षण

पटना एम्स से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

इलाज से पहले सुरक्षा का संकल्प: एम्स पटना में मेडिकल इंटर्न्स को मिला ‘पेशेंट सेफ्टी’ का प्रशिक्षण


सही इलाज के साथ सुरक्षित इलाज भी जरूरी है। इसी सोच को चिकित्सा शिक्षा और व्यवहार का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से एम्स पटना के पेशेंट सेफ्टी सेल द्वारा मंगलवार को संस्थान के ऑडिटोरियम में मेडिकल इंटर्न्स के लिए एक दिवसीय पेशेंट सेफ्टी ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह और डीन एकेडमिक्स प्रो. (डॉ.) पूनम प्रसाद भदानी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मेडिकल इंटर्न्स को यह समझाया गया कि मरीज की सुरक्षा केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि पूरी हेल्थकेयर टीम की साझा जिम्मेदारी है। कार्यक्रम की शुरुआत बीएलएस एवं एसीएलएस के दो घंटे के प्रशिक्षण से हुई। आपातकालीन चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञों ने इंटर्न्स को गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाने के लिए तत्काल और सही कदम उठाने की व्यावहारिक जानकारी दी।
इसके बाद डॉ. दिवेंदु भूषण, अतिरिक्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, आपातकालीन चिकित्सा विभाग ने सुरक्षित दवा निर्धारण पर प्रशिक्षण दिया।
डॉ. बंकिम दास, अतिरिक्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने सुरक्षित रक्त आधान पर प्रशिक्षण देते हुए सही मरीज की पहचान, निर्धारित प्रक्रिया और ट्रांसफ्यूजन प्रोटोकॉल के पालन की अहमियत बताई।
डॉ. अशेष कुमार झा, प्रोफेसर, जनरल सर्जरी विभाग ने सुरक्षित सर्जरी की प्रक्रियाएं पर जानकारी दी और बताया कि ऑपरेशन से पहले, ऑपरेशन के दौरान और ऑपरेशन के बाद हर चरण में सुरक्षा पर समान ध्यान आवश्यक है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में मरीज की सुरक्षा से जुड़े अस्पताल के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। डॉ. अभ्युदय कुमार, अतिरिक्त प्रोफेसर, एनेस्थीसिया विभाग ने एचआईएमएस की जानकारी दी।
इसके अलावा इंटर्न्स को अग्नि सुरक्षा, मेडिकल रिकॉर्ड्स, संचार, कार्यस्थल सुरक्षा और अस्पताल संक्रमण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों से भी परिचित कराया गया।
डॉ. रामकृष्ण मंडल, एसोसिएट प्रोफेसर, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग ने मेडिकल रिकॉर्ड्स की सही एवं व्यवस्थित जानकारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. रतीश नायर, प्राचार्य, कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने प्रभावी संचार को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण आधार बताया।
डॉ. साधना शर्मा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, बायोकैमिस्ट्री विभाग ने कार्यस्थल सुरक्षा जबकि डॉ. अमरजीत कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने अस्पताल संक्रमण नियंत्रण समिति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मेडिकल इंटर्न्स के लिए यह प्रशिक्षण ऐसे समय में आयोजित हुआ जब रोगी सुरक्षा के क्षेत्र में एम्स पटना को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली है।
एम्स नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सम्मेलन में एम्स पटना को अच्छी और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा पद्धतियों को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों के लिए सम्मानित किया गया। इसी कॉन्क्लेव में एम्स पटना के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग को सुरक्षित रक्त आधान से संबंधित प्रक्रियाओं एवं निर्धारित प्रोटोकॉल के बेहतर अनुपालन के लिए बेस्ट प्रैक्टिस अवॉर्ड प्रदान किया गया।
एम्स पटना में आयोजित यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम और राष्ट्रीय स्तर पर मिली उपलब्धियां संस्थान के उस निरंतर प्रयास को दर्शाती हैं जिसमें सुरक्षित चिकित्सा, गुणवत्तापूर्ण उपचार और मरीज केंद्रित स्वास्थ्य सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
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