शिक्षा
इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: चार मेडिकल कॉलेजों में 91% आरक्षण पर अंतरिम रोक
यहाँ देखें:
▶️ YouTube
21% SC, 2% ST और 27% OBC आरक्षण के आधार पर होगी काउंसलिंग, अंतिम आदेश के अधीन रहेंगे दाखिले।
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में NEET-UG के तहत MBBS दाखिलों में लागू करीब 91 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने हालांकि काउंसलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह रोकने के बजाय निर्धारित वैधानिक आरक्षण व्यवस्था के आधार पर आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। यह मामला अंबेडकरनगर, कन्नौज, सहारनपुर और जालौन के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की राज्य कोटे की सीटों से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने काउंसलिंग के लिए अनुसूचित जाति (SC) को 21 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति (ST) को 2 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस काउंसलिंग के आधार पर होने वाले दाखिले मामले में आने वाले अंतिम न्यायालयी आदेश के अधीन रहेंगे। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने की।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को नोटिस अदालत ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि पिछले वर्ष अदालत के समक्ष दिए गए आश्वासन के कथित उल्लंघन पर उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। फिलहाल चारों मेडिकल कॉलेजों में NEET-UG MBBS काउंसलिंग 21% SC, 2% ST और 27% OBC आरक्षण के आधार पर आगे बढ़ सकेगी, जबकि 91% आरक्षण वाली व्यवस्था पर न्यायालय की अंतरिम रोक लागू रहेगी।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को नोटिस अदालत ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि पिछले वर्ष अदालत के समक्ष दिए गए आश्वासन के कथित उल्लंघन पर उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। फिलहाल चारों मेडिकल कॉलेजों में NEET-UG MBBS काउंसलिंग 21% SC, 2% ST और 27% OBC आरक्षण के आधार पर आगे बढ़ सकेगी, जबकि 91% आरक्षण वाली व्यवस्था पर न्यायालय की अंतरिम रोक लागू रहेगी।