📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Malyadri
विज्ञान
ICRISAT ने क्लाइमेट‑रेज़िलिएंट फसलों के लिए CRISPR‑Cas9 पहुँच प्राप्त की
✍️ Telangana Today
🗓 04 अग. 2026, 06:03 AM
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ICRISAT ने CRISPR‑Cas9 जीन‑एडिटिंग तकनीक तक पहुँच हासिल की, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करने वाली फसलें विकसित की जा सकें।
ICRISAT, अर्ध‑शुष्क क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान, ने CRISPR‑Cas9 जीन‑एडिटिंग तकनीक तक पहुँच प्राप्त करने की घोषणा की, जो विश्वभर में फसल सुधार के लिए इस्तेमाल होने वाला एक सटीक जीन‑संपादन उपकरण है।
यह साझेदारी दलिया, ज्वार और चना जैसी प्रमुख अनाज फसलों में जीन संशोधित करने में सक्षम बनाएगी, जिससे सूखा, गर्मी और नमक के प्रति सहनशीलता बढ़ाई जा सके—जो जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नई क्षमता जलवायु‑सहनशील किस्मों के विकास को तेज करेगी, जिससे अर्ध‑शुष्क क्षेत्रों के लाखों किसानों के लिए खाद्य सुरक्षा में सुधार हो सकता है।
यह साझेदारी दलिया, ज्वार और चना जैसी प्रमुख अनाज फसलों में जीन संशोधित करने में सक्षम बनाएगी, जिससे सूखा, गर्मी और नमक के प्रति सहनशीलता बढ़ाई जा सके—जो जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नई क्षमता जलवायु‑सहनशील किस्मों के विकास को तेज करेगी, जिससे अर्ध‑शुष्क क्षेत्रों के लाखों किसानों के लिए खाद्य सुरक्षा में सुधार हो सकता है।