📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pravbv
स्वास्थ्य
ICMR‑NIN अध्ययन से पता चला, पर्यावरणीय सीसा एक्सपोजर से अल्जाइमर रोग बढ़ सकता है
✍️ Telangana Today
🗓 24 अग. 2026, 07:35 AM
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ICMR‑NIN के एक नवीन अध्ययन में बताया गया है कि पर्यावरण में मौजूद सीसा के संपर्क से अल्जाइमर रोग की मस्तिष्कीय परिवर्तन तेज हो सकते हैं।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR‑NIN) ने एक अध्ययन के परिणाम प्रकाशित किए हैं, जिसमें पर्यावरणीय सीसा के संपर्क को अल्जाइमर रोग की पैथोलॉजी के बढ़ने से जोड़ा गया है। इस शोध में यह जांचा गया कि वायु, जल और मिट्टी में निरंतर सीसा के संपर्क से मस्तिष्क में एमी्लॉइड प्लाक और टाउ टैंगल्स की मात्रा पर क्या प्रभाव पड़ता है।
शोधकर्ताओं ने उन वृद्ध व्यक्तियों के जैविक नमूनों का विश्लेषण किया जो उच्च सीसा स्तर वाले क्षेत्रों में रहते थे। तुलना करने पर रक्त में सीसा की सांद्रता और अल्जाइमर रोग के बायोमार्कर के बीच सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण संबंध पाया गया, जबकि आयु, लिंग और जीवनशैली जैसे कारकों को ध्यान में रखा गया।
लेखकों ने कहा कि यह अध्ययन प्रत्यक्ष कारण‑प्रभाव स्थापित नहीं करता, परंतु पर्यावरणीय प्रदूषकों के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर संभावित खतरे को उजागर करता है। वे सीसा के प्रदूषण की कड़ी निगरानी और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों की रोकथाम हेतु आगे के दीर्घकालिक अनुसंधान की सलाह देते हैं।
शोधकर्ताओं ने उन वृद्ध व्यक्तियों के जैविक नमूनों का विश्लेषण किया जो उच्च सीसा स्तर वाले क्षेत्रों में रहते थे। तुलना करने पर रक्त में सीसा की सांद्रता और अल्जाइमर रोग के बायोमार्कर के बीच सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण संबंध पाया गया, जबकि आयु, लिंग और जीवनशैली जैसे कारकों को ध्यान में रखा गया।
लेखकों ने कहा कि यह अध्ययन प्रत्यक्ष कारण‑प्रभाव स्थापित नहीं करता, परंतु पर्यावरणीय प्रदूषकों के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर संभावित खतरे को उजागर करता है। वे सीसा के प्रदूषण की कड़ी निगरानी और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों की रोकथाम हेतु आगे के दीर्घकालिक अनुसंधान की सलाह देते हैं।