📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Samudra Bikash Hazarika
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आईएएएस अधिकारी ने कहा, नागालैंड में आरटीआई अब लाभदायक कारोबार बन गया
✍️ easternmirrornagaland.com
🗓 19 अग. 2026, 11:18 PM
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आईएएएस अधिकारी ने चेतावनी दी कि नागालैंड में आरटीआई प्रक्रिया को लाभ के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है, जहाँ मध्यस्थ आवेदन दाखिल करने के लिए शुल्क ले रहे हैं।
नागालैंड में भारतीय लेखा सेवा (आईएएएस) के एक अधिकारी ने बताया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) प्रक्रिया को व्यावसायिक रूप दिया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि कुछ मध्यस्थ आवेदकों से आरटीआई आवेदन दाखिल करने के लिए शुल्क ले रहे हैं, जिससे यह सार्वजनिक सेवा लाभदायक कारोबार बन गई है।
आरटीआई का उद्देश्य सरकारी पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है, जिसमें नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के सूचना प्राप्त करने का अधिकार है। इस प्रकार की प्रथा इस सिद्धांत को कमजोर करती है और आम जनता के लिए जानकारी प्राप्त करना कठिन बना देती है।
अधिकारी ने राज्य सरकार से इस मुद्दे की जाँच करने और आरटीआई सुविधा प्रदान करने वाले एजेंटों पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आरटीआई प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इसका संरक्षण आवश्यक है।
आरटीआई का उद्देश्य सरकारी पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है, जिसमें नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के सूचना प्राप्त करने का अधिकार है। इस प्रकार की प्रथा इस सिद्धांत को कमजोर करती है और आम जनता के लिए जानकारी प्राप्त करना कठिन बना देती है।
अधिकारी ने राज्य सरकार से इस मुद्दे की जाँच करने और आरटीआई सुविधा प्रदान करने वाले एजेंटों पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आरटीआई प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इसका संरक्षण आवश्यक है।