📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shivanjan
बिज़नेस
हिमाचल प्रदेश ने 8 साल के ठहराव के बाद किशौ बांध के खर्च में राहत हासिल की
✍️ Himachalscape
🗓 16 सित. 2026, 04:01 PM
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने किशौ बांध परियोजना के लिए लागत राहत पैकेज हासिल कर 8 साल के फंडिंग विवाद को समाप्त कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने बताया कि राज्य ने किशौ बांध के लिए लागत राहत पैकेज सुरक्षित कर लिया है, जिससे आठ साल के ठहराव का अंत हुआ है। यह समझौता केंद्र सरकार और परियोजना के वित्तीय संस्थानों के साथ लंबी बातचीत के बाद आया, जहाँ फंडिंग की कमी और बढ़ती लागतों को लेकर निर्माण रुक गया था।
राहत पैकेज से बांध की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे वित्तीय दबाव कम हो कर कार्य फिर से शुरू हो सकेगा। सटीक आंकड़े नहीं बताये गये, पर राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि नई शर्तें परियोजना को आर्थिक रूप से स्थिर बनायेंगी।
सुतlej नदी पर किन्नौर जिले में स्थित किशौ बांध का उद्देश्य जलविद्युत उत्पादन और क्षेत्रीय सिंचाई को सुदृढ़ करना है। नई वित्तीय व्यवस्था के साथ राज्य इस परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाने की आशा रखता है, क्योंकि यह हिमाचल की ऊर्जा और जल सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य ने कहा कि लागत राहत से अतिरिक्त निवेश आकर्षित होगा और समय पर पूर्णता सुनिश्चित होगी, जिससे पहाड़ी राज्य में बुनियादी ढाँचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
राहत पैकेज से बांध की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे वित्तीय दबाव कम हो कर कार्य फिर से शुरू हो सकेगा। सटीक आंकड़े नहीं बताये गये, पर राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि नई शर्तें परियोजना को आर्थिक रूप से स्थिर बनायेंगी।
सुतlej नदी पर किन्नौर जिले में स्थित किशौ बांध का उद्देश्य जलविद्युत उत्पादन और क्षेत्रीय सिंचाई को सुदृढ़ करना है। नई वित्तीय व्यवस्था के साथ राज्य इस परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाने की आशा रखता है, क्योंकि यह हिमाचल की ऊर्जा और जल सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य ने कहा कि लागत राहत से अतिरिक्त निवेश आकर्षित होगा और समय पर पूर्णता सुनिश्चित होगी, जिससे पहाड़ी राज्य में बुनियादी ढाँचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।