📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / National Museum of Health and Medicine
स्वास्थ्य
हिमाचल में स्थापित हुआ देश का पहला हाई‑एल्टिट्यूड स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र
✍️ News On AIR
🗓 15 अक्टू. 2026, 05:16 AM
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हिमाचल प्रदेश ने देश का पहला हाई‑एल्टिट्यूड स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र स्थापित किया, जो कठोर पहाड़ी परिस्थितियों में मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव का अध्ययन करेगा।
नई दिल्ली – हिमाचल प्रदेश ने भारत का पहला हाई‑एल्टिट्यूड स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र औपचारिक रूप से खोल दिया है, जिसका उद्देश्य अत्यधिक ऊँचाई, कम ऑक्सीजन और कठोर मौसम के मानव शारीरिक कार्यों पर प्रभावों का अध्ययन करना है। राज्य के एक ऊँचे इलाके में स्थित यह संस्थान वैज्ञानिकों, चिकित्सकों और पर्वतारोहियों को एक साथ लाकर फील्ड अध्ययन और प्रयोगशाला विश्लेषण करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र में क्रॉनिक माउंटेन सिकनेस, हृदय‑रक्त संबंधी अनुकूलन, श्वसन रोग और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा ट्रेक्करों के मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहाँ एकत्रित डेटा से उच्च altitude वाले समुदायों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों को बेहतर बनाया जा सकेगा और एडवेंचर टूरिज़्म में चिकित्सा सहायता में सुधार होगा।
उद्घाटन समारोह में राज्य स्वास्थ्य मंत्री और राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने भारत को हाई‑एल्टिट्यूड मेडिसिन में वैश्विक अग्रणी बनाने की संभावना को रेखांकित किया। इस परियोजना को राज्य सरकार के बजट के साथ-साथ केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एजेंसियों से अतिरिक्त समर्थन मिला है।
शोधकर्ता इस केंद्र के परिणामों को अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित करने और पहाड़ी क्षेत्रों के अस्पतालों के साथ दिशानिर्देश साझा करने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को ऊँचाई‑संबंधी निदान और उपचार प्रोटोकॉल में प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
यह पहल हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों की विशिष्ट स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए एक रणनीतिक कदम है और भविष्य में अन्य उच्च‑ऊँचाई वाले राज्यों में समान केंद्रों की स्थापना की राह प्रशस्त कर सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र में क्रॉनिक माउंटेन सिकनेस, हृदय‑रक्त संबंधी अनुकूलन, श्वसन रोग और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा ट्रेक्करों के मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहाँ एकत्रित डेटा से उच्च altitude वाले समुदायों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों को बेहतर बनाया जा सकेगा और एडवेंचर टूरिज़्म में चिकित्सा सहायता में सुधार होगा।
उद्घाटन समारोह में राज्य स्वास्थ्य मंत्री और राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने भारत को हाई‑एल्टिट्यूड मेडिसिन में वैश्विक अग्रणी बनाने की संभावना को रेखांकित किया। इस परियोजना को राज्य सरकार के बजट के साथ-साथ केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एजेंसियों से अतिरिक्त समर्थन मिला है।
शोधकर्ता इस केंद्र के परिणामों को अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित करने और पहाड़ी क्षेत्रों के अस्पतालों के साथ दिशानिर्देश साझा करने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को ऊँचाई‑संबंधी निदान और उपचार प्रोटोकॉल में प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
यह पहल हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों की विशिष्ट स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए एक रणनीतिक कदम है और भविष्य में अन्य उच्च‑ऊँचाई वाले राज्यों में समान केंद्रों की स्थापना की राह प्रशस्त कर सकती है।