📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ShriniwasGajare
बिज़नेस
उच्च रीफ़िल व डिपॉज़िट शुल्क ने कर्नाटक में 10 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर को दूर रखा
✍️ The Hindu
🗓 16 सित. 2026, 03:02 AM
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कर्नाटक में उपभोक्ता उच्च रीफ़िल और डिपॉज़िट शुल्क के कारण 10 किग्रा एलपीजी सिलिंडर को नहीं अपना रहे हैं।
कर्नाटक के गृहस्थ 10 किग्रा एलपीजी सिलिंडर को अपनाने से पीछे हट रहे हैं, क्योंकि रीफ़िल की महँगी कीमत और सिलिंडर लेने के लिए आवश्यक उच्च डिपॉज़िट उन्हें आर्थिक रूप से बोझिल लग रहा है। 5 किग्रा सिलिंडर की तुलना में इसका प्रारंभिक खर्च और पुनःभरण लागत दोनों ही अधिक हैं, जिससे कई परिवार इसे महँगा मानते हैं।
डिपॉज़िट की राशि, जो सिलिंडर प्राप्त करने से पहले देनी पड़ती है, कम और मध्यम आय वर्ग के घरों पर अतिरिक्त दबाव डालती है। इसके साथ ही रीफ़िल की कीमत भी छोटी सिलिंडर से अधिक है, जिससे कुल मिलाकर 10 किग्रा सिलिंडर का खर्च काफी अधिक हो जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस कीमत के कारण बड़े सिलिंडर की खरीद में कमी आ सकती है, जबकि उनका उपयोग अवधि लंबी होती है। आपूर्तिकर्ताओं को इस स्थिति को सुधारने के लिये मूल्य संरचना में बदलाव या सब्सिडी जैसे उपायों पर विचार करना पड़ सकता है, ताकि कर्नाटक के लागत‑सचेत उपभोक्ताओं को आकर्षित किया जा सके।
डिपॉज़िट की राशि, जो सिलिंडर प्राप्त करने से पहले देनी पड़ती है, कम और मध्यम आय वर्ग के घरों पर अतिरिक्त दबाव डालती है। इसके साथ ही रीफ़िल की कीमत भी छोटी सिलिंडर से अधिक है, जिससे कुल मिलाकर 10 किग्रा सिलिंडर का खर्च काफी अधिक हो जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस कीमत के कारण बड़े सिलिंडर की खरीद में कमी आ सकती है, जबकि उनका उपयोग अवधि लंबी होती है। आपूर्तिकर्ताओं को इस स्थिति को सुधारने के लिये मूल्य संरचना में बदलाव या सब्सिडी जैसे उपायों पर विचार करना पड़ सकता है, ताकि कर्नाटक के लागत‑सचेत उपभोक्ताओं को आकर्षित किया जा सके।