*हिंदी मातृभाषा एवं सांस्कृतिक एकता की पहचान - पुरोहित*
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*हिंदी मातृभाषा एवं सांस्कृतिक एकता की पहचान - पुरोहित*
जैसलमेर, 14 सितम्बर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान माह सितम्बर के फ्लेगशिप कार्यक्रमों की श्रृंखला में हिंदी दिवस के अवसर पर बालिका विद्यालय में अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित पुरोहित द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों में हिंदी भाषा को लेकर रूचि जागृत करने एवं भारतीय संस्कृति से जुड़ाव विषय को लेकर निबंध, सुलेख एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने सवाल जवाब कार्यक्रम में वार्ता में अपने विचार व्यक्त किए।
इस दौरान सचिव ने कहा कि भाषा हमारी सांस्कृतिक एकता और प्राचीन परंपराओं की पहचान है। हिंदी का शब्द भंडार बहुत समृद्ध है और इसका उच्चारण अत्यंत वैज्ञानिक है। देश के विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती है। महात्मा गांधी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को एकजुट करने के लिए हिंदी को अपनाया था। हमें अपनी मातृभाषा हिंदी का सम्मान करना चाहिए और इसके प्रचार-प्रसार में सहयोग देना चाहिए।
सचिव ने कहा कि 14 सितम्बर को हर साल राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है क्यों कि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। उन्होंने भाषा से सम्बंधित अनुच्छेदों के बारे में बताया कि अनुच्छेद 343 द्वारा देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में घोषित किया है, आधिकारिक उदेश्योें के लिए अंग्रेजी के भी निरंतर उपयोग की अनुमति है, अनुच्छेद 344 एक भाषा आयोग और संसदीय समिति प्रदान करता है ताकि हिंदी के प्रगतिशील उपयोग की समीक्षा और अनुशंषा की जा सके। अनुच्छेद 351 संघ को हिंदी के प्रसार और विकास को बढावा देने इसे संस्कृति और अन्य भारतीय भाषाओं से समृद्ध करने का निर्देश देता है तथा 120 के तहत संसद में हिंदी के उपयोग की अनुमति है। अनुच्छेद 210 राज्य विधायिका कार्यवाही प्रक्रिया में हिंदी आधिकारिक भाषा है।
हिंदी दिवस के अवसर पर सचिव द्वारा एडीआर परिसर में पौधारोपण कर संदेश दिया कि कोई भी अवसर चाहे जन्मदिवस, पुण्यतिथी अथवा सार्वजनिक विशेष दिवस हो हमें पर्यावरण संरक्षण का मौका नहीं गंवाना चाहिए।
जैसलमेर, 14 सितम्बर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान माह सितम्बर के फ्लेगशिप कार्यक्रमों की श्रृंखला में हिंदी दिवस के अवसर पर बालिका विद्यालय में अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित पुरोहित द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों में हिंदी भाषा को लेकर रूचि जागृत करने एवं भारतीय संस्कृति से जुड़ाव विषय को लेकर निबंध, सुलेख एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने सवाल जवाब कार्यक्रम में वार्ता में अपने विचार व्यक्त किए।
इस दौरान सचिव ने कहा कि भाषा हमारी सांस्कृतिक एकता और प्राचीन परंपराओं की पहचान है। हिंदी का शब्द भंडार बहुत समृद्ध है और इसका उच्चारण अत्यंत वैज्ञानिक है। देश के विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती है। महात्मा गांधी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को एकजुट करने के लिए हिंदी को अपनाया था। हमें अपनी मातृभाषा हिंदी का सम्मान करना चाहिए और इसके प्रचार-प्रसार में सहयोग देना चाहिए।
सचिव ने कहा कि 14 सितम्बर को हर साल राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है क्यों कि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। उन्होंने भाषा से सम्बंधित अनुच्छेदों के बारे में बताया कि अनुच्छेद 343 द्वारा देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में घोषित किया है, आधिकारिक उदेश्योें के लिए अंग्रेजी के भी निरंतर उपयोग की अनुमति है, अनुच्छेद 344 एक भाषा आयोग और संसदीय समिति प्रदान करता है ताकि हिंदी के प्रगतिशील उपयोग की समीक्षा और अनुशंषा की जा सके। अनुच्छेद 351 संघ को हिंदी के प्रसार और विकास को बढावा देने इसे संस्कृति और अन्य भारतीय भाषाओं से समृद्ध करने का निर्देश देता है तथा 120 के तहत संसद में हिंदी के उपयोग की अनुमति है। अनुच्छेद 210 राज्य विधायिका कार्यवाही प्रक्रिया में हिंदी आधिकारिक भाषा है।
हिंदी दिवस के अवसर पर सचिव द्वारा एडीआर परिसर में पौधारोपण कर संदेश दिया कि कोई भी अवसर चाहे जन्मदिवस, पुण्यतिथी अथवा सार्वजनिक विशेष दिवस हो हमें पर्यावरण संरक्षण का मौका नहीं गंवाना चाहिए।