📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ggn77
स्वास्थ्य
हरियाणा में 1 नवंबर से माँ‑शिशु एकीकृत देखभाल अनिवार्य
✍️ The Times of India
🗓 23 अग. 2026, 08:38 AM
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हरियाणा सरकार 1 नवंबर से माँ‑शिशु एकीकृत देखभाल को अनिवार्य कर रही है, जिससे प्रसवोत्तर सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने घोषणा की है कि 1 नवंबर से राज्य के सभी सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को एकीकृत माँ‑शिशु देखभाल मॉडल अपनाना अनिवार्य होगा। यह निर्देश प्रसवपूर्व, प्रसवकालीन और प्रसवोत्तर सेवाओं को एक ही ढाँचे में जोड़कर माताओं और नवजात शिशुओं को निरंतर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
नए आदेश के तहत अस्पतालों और क्लीनिकों को स्क्रीनिंग, उपचार और फॉलो‑अप के लिए मानकीकृत प्रोटोकॉल का पालन करना होगा, जिससे मातृ‑शिशु जटिलताओं में कमी आए। राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगा और अनुपालन की निगरानी के लिए समय‑समय पर ऑडिट करेगा।
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों के अनुरूप है और शिशु मृत्यु दर तथा मातृ स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार की उम्मीद है। कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए अगले महीने स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
नए आदेश के तहत अस्पतालों और क्लीनिकों को स्क्रीनिंग, उपचार और फॉलो‑अप के लिए मानकीकृत प्रोटोकॉल का पालन करना होगा, जिससे मातृ‑शिशु जटिलताओं में कमी आए। राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगा और अनुपालन की निगरानी के लिए समय‑समय पर ऑडिट करेगा।
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों के अनुरूप है और शिशु मृत्यु दर तथा मातृ स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार की उम्मीद है। कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए अगले महीने स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।