📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ggn77
स्वास्थ्य
हरियाणा में एआई से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली का व्यापक सुधार
✍️ Hindustan Times
🗓 20 अग. 2026, 10:26 AM
👁 6
हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य नेटवर्क में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शामिल करने की योजना घोषित की, जिससे सेवा वितरण और रोग निगरानी में सुधार होगा।
हरियाणा ने अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एकीकृत करने के लिए एक रणनीतिक पहल की घोषणा की है। अधिकारियों का कहना है कि एआई उपकरण रोगी ट्रायेज, रोग प्रकोप की भविष्यवाणी और अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधन आवंटन को सुगम बनाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किए गए इस योजना में तकनीकी कंपनियों के साथ साझेदारी करके रीयल‑टाइम में रोगी रिकॉर्ड प्रोसेस करने वाले डेटा एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म विकसित किए जाएंगे। साथ ही, मेडिकल स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे ताकि नई प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
यदि निर्धारित समय पर लागू हो गया, तो एआई‑आधारित मॉडल से प्रतीक्षा समय में कमी, निदान की सटीकता में सुधार और महामारी की प्रारम्भिक पहचान संभव होगी, जिससे हरियाणा के नागरिकों के स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य को डिजिटल तकनीकों से सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है, जिससे हरियाणा अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकता है।
हितधारक इस कार्यान्वयन की प्रगति को निकटता से देखेंगे, और सेवा गुणवत्ता तथा लागत दक्षता पर प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए समय‑समय पर मूल्यांकन किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किए गए इस योजना में तकनीकी कंपनियों के साथ साझेदारी करके रीयल‑टाइम में रोगी रिकॉर्ड प्रोसेस करने वाले डेटा एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म विकसित किए जाएंगे। साथ ही, मेडिकल स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे ताकि नई प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
यदि निर्धारित समय पर लागू हो गया, तो एआई‑आधारित मॉडल से प्रतीक्षा समय में कमी, निदान की सटीकता में सुधार और महामारी की प्रारम्भिक पहचान संभव होगी, जिससे हरियाणा के नागरिकों के स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य को डिजिटल तकनीकों से सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है, जिससे हरियाणा अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकता है।
हितधारक इस कार्यान्वयन की प्रगति को निकटता से देखेंगे, और सेवा गुणवत्ता तथा लागत दक्षता पर प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए समय‑समय पर मूल्यांकन किए जाएंगे।