📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shivanjan
देश
हिमाचल-हरियाणा क़िशौ समझौते से हरियाणा को मिली जल आपूर्ति, हिमाचल ने बचाए ₹2,000 करोड़
✍️ The Times of India
🗓 16 सित. 2026, 01:01 AM
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क़िशौ जल‑साझा समझौते से हरियाणा को अतिरिक्त पानी मिला, जबकि हिमाचल को नए जलाशय पर ₹2,000 करोड़ खर्च से बचाया गया।
नई दिल्ली ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच क़िशौ जल‑साझा समझौते को औपचारिक रूप से मान्य किया है। इस समझौते के तहत हरियाणा को क़िशौ जलाशय से निर्धारित मात्रा में पानी मिलेगा, जिससे राज्य की सिंचाई और पेयजल योजनाओं में मौजूदा कमी दूर होगी।
हिमाचल प्रदेश, जो अपने जल‑संकट को हल करने के लिए एक नया जलाशय बनाने की योजना बना रहा था, अब इस परियोजना को रद्द कर ₹2,000 करोड़ की पूँजी बचा लेगा। बचाए गए धन को राज्य के अन्य विकासात्मक कार्यों में पुनः आवंटित किया जाएगा।
दोनों राज्य सरकारों ने इस समझौते को सहयोगी संघवाद और मौजूदा जल‑बुनियादी ढाँचे के कुशल उपयोग के रूप में सराहा है। समझौते में नियमित निगरानी और संयुक्त प्रबंधन की व्यवस्था भी शामिल है, ताकि साझा संसाधन का सतत उपयोग सुनिश्चित हो सके।
कार्यान्वयन अगले मानसून मौसम से शुरू होने की योजना है, जिसमें दोनों राज्यों की तकनीकी टीमें जल निकासी शेड्यूल और क़िशौ बांध के रख‑रखाव पर समन्वय करेंगी।
यह समझौता उत्तरी भारत में बढ़ती जल‑मांग को देखते हुए, जल संसाधनों के अनुकूलन हेतु राज्य‑स्तर के सहयोगी प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हिमाचल प्रदेश, जो अपने जल‑संकट को हल करने के लिए एक नया जलाशय बनाने की योजना बना रहा था, अब इस परियोजना को रद्द कर ₹2,000 करोड़ की पूँजी बचा लेगा। बचाए गए धन को राज्य के अन्य विकासात्मक कार्यों में पुनः आवंटित किया जाएगा।
दोनों राज्य सरकारों ने इस समझौते को सहयोगी संघवाद और मौजूदा जल‑बुनियादी ढाँचे के कुशल उपयोग के रूप में सराहा है। समझौते में नियमित निगरानी और संयुक्त प्रबंधन की व्यवस्था भी शामिल है, ताकि साझा संसाधन का सतत उपयोग सुनिश्चित हो सके।
कार्यान्वयन अगले मानसून मौसम से शुरू होने की योजना है, जिसमें दोनों राज्यों की तकनीकी टीमें जल निकासी शेड्यूल और क़िशौ बांध के रख‑रखाव पर समन्वय करेंगी।
यह समझौता उत्तरी भारत में बढ़ती जल‑मांग को देखते हुए, जल संसाधनों के अनुकूलन हेतु राज्य‑स्तर के सहयोगी प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।