📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
शिक्षा
सुखु ने कहा, 3 महीने में 2,000 नए CBSE शिक्षक नियुक्त
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 20 सित. 2026, 06:31 AM
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हिंदुस्तान के शिक्षा मंत्री सुखु ने कहा कि अगले तीन महीनों में CBSE स्कूलों में 2,000 नए शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
हिंदुस्तान के शिक्षा मंत्री राजेश सुखु ने बताया कि अगले तीन महीनों में राज्य के CBSE‑संबद्ध स्कूलों में 2,000 अतिरिक्त शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। यह कदम शिक्षक कमी को दूर करने और सरकारी स्कूलों में छात्र‑शिक्षक अनुपात सुधारने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
राज्य ने तीन‑महीने की समयसीमा निर्धारित की है, जिसमें आवेदन आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे। चयनित उम्मीदवारों को पूरे राज्य के CBSE स्कूलों में नियुक्त किया जाएगा, जहाँ कई स्कूलों में खाली पदों की समस्या बनी हुई थी।
अधिकारियों का कहना है कि नई नियुक्तियों से विशेष रूप से उन विषयों में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी, जहाँ शिक्षक कम हैं। भर्ती प्रक्रिया में मौजूदा पात्रता मानदंड, योग्यताएँ और अनुभव शामिल होंगे, और इसे राज्य शैक्षिक बोर्ड द्वारा पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाएगा।
सुखु ने इस कदम को सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने और माता‑पिता की CBSE शिक्षा की इच्छा को पूरा करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में बताया। नई नियुक्तियों के तैनाती की निगरानी की जाएगी और शैक्षणिक परिणामों पर प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा।
राज्य ने तीन‑महीने की समयसीमा निर्धारित की है, जिसमें आवेदन आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे। चयनित उम्मीदवारों को पूरे राज्य के CBSE स्कूलों में नियुक्त किया जाएगा, जहाँ कई स्कूलों में खाली पदों की समस्या बनी हुई थी।
अधिकारियों का कहना है कि नई नियुक्तियों से विशेष रूप से उन विषयों में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी, जहाँ शिक्षक कम हैं। भर्ती प्रक्रिया में मौजूदा पात्रता मानदंड, योग्यताएँ और अनुभव शामिल होंगे, और इसे राज्य शैक्षिक बोर्ड द्वारा पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाएगा।
सुखु ने इस कदम को सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने और माता‑पिता की CBSE शिक्षा की इच्छा को पूरा करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में बताया। नई नियुक्तियों के तैनाती की निगरानी की जाएगी और शैक्षणिक परिणामों पर प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा।