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हरदा: वनाधिकार के 1500 लंबित पट्टों के निराकरण में लापरवाही पर एसडीएम सख्त, एक सप्ताह में कार्रवाई के निर्देश
अनुविभागीय अधिकारी शैलेन्द्र बड़ौनिया ने वनाधिकार के लगभग 1500 लंबित पट्टों के निराकरण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 30 अक्टूबर तक सभी प्रकरणों का निपटारा करने और एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
हरदा अनुविभाग में वनाधिकार के लगभग 1500 पट्टों के लंबित प्रकरणों के निराकरण को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) शैलेन्द्र बड़ौनिया ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को पंचायत कार्यालय हरदा में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आगामी 30 अक्टूबर की निर्धारित समय-सीमा तक सभी लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में बीट गार्ड, पटवारी, पंचायत सचिव सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को वनाधिकार पट्टों के निष्पादन की प्रक्रिया और आवश्यक कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
एसडीएम श्री बड़ौनिया ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि निर्धारित समय-सीमा के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी आपसी समन्वय स्थापित कर आगामी एक सप्ताह के भीतर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई पूरी करें। जिन प्रकरणों में नियमानुसार वनाधिकार पट्टे दिए जाने की पात्रता है, उनमें पट्टे तैयार करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
एसडीएम ने यह भी निर्देश दिया कि जिन प्रकरणों में पट्टा दिया जाना संभव नहीं है, उनमें नियमानुसार आवश्यक जांच कर शीघ्र रिपोर्ट तैयार की जाए और आगे की कार्रवाई के लिए प्रेषित की जाए। उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी और सभी संबंधितों से अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा, ताकि लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण हो सके।
बैठक में हंडिया तहसीलदार पूजा भाटी, हरदा जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वन विभाग तथा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
एसडीएम श्री बड़ौनिया ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि निर्धारित समय-सीमा के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी आपसी समन्वय स्थापित कर आगामी एक सप्ताह के भीतर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई पूरी करें। जिन प्रकरणों में नियमानुसार वनाधिकार पट्टे दिए जाने की पात्रता है, उनमें पट्टे तैयार करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
एसडीएम ने यह भी निर्देश दिया कि जिन प्रकरणों में पट्टा दिया जाना संभव नहीं है, उनमें नियमानुसार आवश्यक जांच कर शीघ्र रिपोर्ट तैयार की जाए और आगे की कार्रवाई के लिए प्रेषित की जाए। उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी और सभी संबंधितों से अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा, ताकि लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण हो सके।
बैठक में हंडिया तहसीलदार पूजा भाटी, हरदा जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वन विभाग तथा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।