📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / YashiWong
स्थानीय
ग्वालियर हाईकोर्ट की सड़कों की शिकायतों के बाद निगम कमिश्नर संग प्रिया का स्थानांतरण
✍️ Amar Ujala · Gwalior
🗓 21 अग. 2026, 08:45 PM
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर की खराब सड़कों को लेकर निराशा जताते हुए निगम कमिश्नर संग प्रिया को स्थानांतरित किया है। यह कदम कोर्ट की लगातार शिकायतों का सीधा परिणाम माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर की बिगड़ती सड़कों को लेकर लगातार असंतोष जताया है और नगर निगम से त्वरित सुधार की मांग की है। इस दबाव के चलते राज्य सरकार ने नगर निगम कमिश्नर संग प्रिया को स्थानांतरित कर दिया, जिसे कोर्ट की कड़ी चेतावनी का सीधा परिणाम माना जा रहा है।
हाईकोर्ट ने कमिश्नर और आयुक्त को कई नोटिस जारी किए और सार्वजनिक रूप से सड़कों की खराब स्थिति की आलोचना की, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
स्थानांतरण की घोषणा के बाद अधिकारियों ने कारणों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया, पर अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि कोर्ट की असंतुष्टि इस कदम का मुख्य कारण थी। अब एक वरिष्ठ अधिकारी ग्वालियर की नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
नगर निगम अब सार्वजनिक विश्वास बहाल करने के लिए सड़क मरम्मत कार्य को तेज करने की योजना बना रहा है। प्रशासन ने प्रमुख रास्तों को प्राथमिकता देने और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने का वादा किया है, ताकि भविष्य में न्यायिक जांच से बचा जा सके।
यह घटना शहरी प्रशासन में न्यायिक निगरानी की बढ़ती भूमिका को उजागर करती है, विशेषकर जब बुनियादी ढांचा मानकों से नीचे गिरता है।
हाईकोर्ट ने कमिश्नर और आयुक्त को कई नोटिस जारी किए और सार्वजनिक रूप से सड़कों की खराब स्थिति की आलोचना की, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
स्थानांतरण की घोषणा के बाद अधिकारियों ने कारणों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया, पर अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि कोर्ट की असंतुष्टि इस कदम का मुख्य कारण थी। अब एक वरिष्ठ अधिकारी ग्वालियर की नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
नगर निगम अब सार्वजनिक विश्वास बहाल करने के लिए सड़क मरम्मत कार्य को तेज करने की योजना बना रहा है। प्रशासन ने प्रमुख रास्तों को प्राथमिकता देने और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने का वादा किया है, ताकि भविष्य में न्यायिक जांच से बचा जा सके।
यह घटना शहरी प्रशासन में न्यायिक निगरानी की बढ़ती भूमिका को उजागर करती है, विशेषकर जब बुनियादी ढांचा मानकों से नीचे गिरता है।