📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Snehrashmi
बिज़नेस
गुजरात के पेट्रोल डीलरों ने 0.4% यूपीआई एमडीआर से छूट की माँग
✍️ The Times of India
🗓 18 सित. 2026, 06:01 AM
👁 11
गुजरात के पेट्रोल डीलरों ने यूपीआई लेन‑देन पर लागू 0.4% एमडीआर से छूट के लिए अधिकारियों से अपील की है।
गुजरात के पेट्रोल पंप मालिकों ने राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) और राज्य सरकार को लिखित में 0.4% यूपीआई व्यापारी डिस्काउंट रेट (एमडीआर) से छूट देने की अपील की है। उनका कहना है कि यह अतिरिक्त शुल्क ईंधन की बिक्री पर पहले से ही कम मार्जिन को और घटा रहा है, जहाँ कीमतों पर कैप और कर में बार‑बार बदलाव होते रहते हैं।
0.4% एमडीआर को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के हिस्से के रूप में सभी यूपीआई लेन‑देन पर लागू किया गया है। जबकि यह शुल्क बुनियादी ढाँचे की लागत को संतुलित करने के लिए है, गुजरात के पेट्रोल डीलर मानते हैं कि यह उच्च‑वॉल्यूम, कम‑मार्जिन व्यवसायों पर असमान रूप से असर डालता है।
डीलरों ने एक अस्थायी छूट की मांग की है, साथ ही एक विस्तृत प्रभाव मूल्यांकन के बाद पुनः विचार करने का प्रस्ताव रखा है। वे एक ऐसा एमडीआर ढाँचा चाहते हैं जो प्रत्येक सेक्टर की आर्थिक स्थितियों को ध्यान में रखे। राज्य सरकार ने इस अनुरोध को प्राप्त कर लिया है और इसे NPCI तथा वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।
यदि यह छूट मिलती है, तो यह समान एमडीआर नीति से राहत चाहने वाले अन्य उच्च‑वॉल्यूम रिटेल क्षेत्रों के लिए मिसाल बन सकती है। इस मुद्दे पर आगे की चर्चा गुजरात राज्य वित्तीय सेवा समिति की आगामी बैठक में होगी।
0.4% एमडीआर को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के हिस्से के रूप में सभी यूपीआई लेन‑देन पर लागू किया गया है। जबकि यह शुल्क बुनियादी ढाँचे की लागत को संतुलित करने के लिए है, गुजरात के पेट्रोल डीलर मानते हैं कि यह उच्च‑वॉल्यूम, कम‑मार्जिन व्यवसायों पर असमान रूप से असर डालता है।
डीलरों ने एक अस्थायी छूट की मांग की है, साथ ही एक विस्तृत प्रभाव मूल्यांकन के बाद पुनः विचार करने का प्रस्ताव रखा है। वे एक ऐसा एमडीआर ढाँचा चाहते हैं जो प्रत्येक सेक्टर की आर्थिक स्थितियों को ध्यान में रखे। राज्य सरकार ने इस अनुरोध को प्राप्त कर लिया है और इसे NPCI तथा वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।
यदि यह छूट मिलती है, तो यह समान एमडीआर नीति से राहत चाहने वाले अन्य उच्च‑वॉल्यूम रिटेल क्षेत्रों के लिए मिसाल बन सकती है। इस मुद्दे पर आगे की चर्चा गुजरात राज्य वित्तीय सेवा समिति की आगामी बैठक में होगी।