📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ArvindKarad
अपराध
गुजरात के न्यायालय ने पुलिस पर आरोपित के बेटे को जाल के रूप में रखने का आरोप लगाया
✍️ Hindustan Times
🗓 18 अग. 2026, 10:18 AM
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गुजरात के एक न्यायालय ने पुलिस पर आरोपित के नाबालिग बेटे को जाल के रूप में रखने के लिए सार्वजनिक रूप से निंदा की है। न्यायालय ने अधिकारियों से बाल संरक्षण कानूनों का पालन करने का आग्रह किया।
गुजरात उच्च न्यायालय ने पुलिस पर कड़ी निंदा की है, जब यह सामने आया कि एक आरोपी के नाबालिग बेटे को जाल के रूप में जमानत में रखा गया था। न्यायालय ने इस प्रथा को बच्चे के अधिकारों के उल्लंघन और कानून प्रवर्तन शक्तियों के दुरुपयोग के रूप में वर्णित किया।
आदेश में, न्यायालय ने पुलिस से तुरंत बच्चे को रिहा करने और हिरासत के कारण लिखित स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। इसके अलावा, शामिल अधिकारियों के आचरण की आंतरिक जांच की मांग की गई।
इस घटना ने सार्वजनिक आक्रोश पैदा किया है, जहां नागरिक समाज समूहों ने नाबालिगों के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की है। न्यायालय का निर्णय अधिकार के दुरुपयोग से संवेदनशील आबादी की रक्षा के प्रति न्यायिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
आदेश में, न्यायालय ने पुलिस से तुरंत बच्चे को रिहा करने और हिरासत के कारण लिखित स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। इसके अलावा, शामिल अधिकारियों के आचरण की आंतरिक जांच की मांग की गई।
इस घटना ने सार्वजनिक आक्रोश पैदा किया है, जहां नागरिक समाज समूहों ने नाबालिगों के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की है। न्यायालय का निर्णय अधिकार के दुरुपयोग से संवेदनशील आबादी की रक्षा के प्रति न्यायिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।