📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Health and Family Welfare
स्वास्थ्य
सरकार ने दवाओं व मेडिकल डिवाइस के आयात क्लियरेंस गेटवे बढ़ाने की योजना बनाई
✍️ Business Standard
🗓 04 नव. 2026, 11:36 AM
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केंद्रीय सरकार ने दवाओं और मेडिकल डिवाइस के आयात क्लियरेंस बिंदुओं को बढ़ाकर आपूर्ति को तेज़ करने और अड़चनों को कम करने की योजना बताई।
नई दिल्ली – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि वह देश भर में दवाओं और मेडिकल उपकरणों के आयात क्लियरेंस गेटवे को बढ़ाएगा। इस पहल का उद्देश्य कस्टम्स में क्लियरेंस समय को घटाकर आवश्यक स्वास्थ्य उत्पादों की तेज़ उपलब्धता सुनिश्चित करना है, विशेषकर दूरदराज़ और कम सेवा वाले क्षेत्रों में।
प्रस्ताव के तहत प्रमुख बंदरगाहों, हवाई अड्डों और आंतरिक लॉजिस्टिक हबों पर अतिरिक्त चेकपॉइंट स्थापित किए जाएंगे, साथ ही दस्तावेज़ीकरण को सरल बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डेटा‑इंटरचेंज प्रणाली लागू की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि विस्तारित ढांचा भारत की आयात प्रक्रियाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में मदद करेगा।
यह कदम राष्ट्रीय स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और देर से शिपमेंट पर निर्भरता कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। उद्योग संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया, यह बताते हुए कि सुगम क्लियरेंस से अस्पतालों और फ़ार्मेसियों के लिए आपूर्ति श्रृंखला की लागत घटेगी और लचीलापन बढ़ेगा।
नई गेटवे की सटीक संख्या और कार्यान्वयन समय‑सारिणी के विवरण स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे संचालन दिशानिर्देशों के साथ निकट भविष्य में जारी किए जाएंगे।
प्रस्ताव के तहत प्रमुख बंदरगाहों, हवाई अड्डों और आंतरिक लॉजिस्टिक हबों पर अतिरिक्त चेकपॉइंट स्थापित किए जाएंगे, साथ ही दस्तावेज़ीकरण को सरल बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डेटा‑इंटरचेंज प्रणाली लागू की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि विस्तारित ढांचा भारत की आयात प्रक्रियाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में मदद करेगा।
यह कदम राष्ट्रीय स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और देर से शिपमेंट पर निर्भरता कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। उद्योग संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया, यह बताते हुए कि सुगम क्लियरेंस से अस्पतालों और फ़ार्मेसियों के लिए आपूर्ति श्रृंखला की लागत घटेगी और लचीलापन बढ़ेगा।
नई गेटवे की सटीक संख्या और कार्यान्वयन समय‑सारिणी के विवरण स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे संचालन दिशानिर्देशों के साथ निकट भविष्य में जारी किए जाएंगे।