📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Greg Younger from Parker, Colorado, USA, USA
सरकारी योजना
गोवा, तमिलनाडु, उत्तराखंड ने पैकेजिंग कचरे के लिए डिपॉज़िट रिटर्न सिस्टम का पायलट शुरू किया
✍️ Daily Pioneer
🗓 18 अग. 2026, 07:33 AM
👁 4
गोवा, तमिलनाडु और उत्तराखंड ने पैकेजिंग कचरे को कम करने और पुनर्चक्रण बढ़ाने के उद्देश्य से नया डिपॉज़िट रिटर्न सिस्टम का पायलट शुरू किया है।
गोवा, तमिलनाडु और उत्तराखंड ने पैकेजिंग कचरे के लिए डिपॉज़िट रिटर्न सिस्टम (DRS) का पायलट कार्यक्रम शुरू किया है।
इस योजना के तहत, पेय और अन्य पैकेजिंग वस्तुओं पर एक वापसी योग्य जमा लगाया जाता है, जिसे उपभोक्ता निर्दिष्ट संग्रह बिंदुओं पर कंटेनर लौटाने पर वापस पा सकते हैं।
इससे पैकेजिंग के फेंके जाने की मात्रा घटाने और पुनर्चक्रण दर बढ़ाने का लक्ष्य है।
पायलट कार्यक्रम 12 महीनों के लिए चलेगा, जिसके बाद राज्यों द्वारा डेटा का विश्लेषण कर प्रणाली को विस्तारित करने का निर्णय लिया जाएगा।
यह पहल राष्ट्रीय कचरा प्रबंधन लक्ष्यों के अनुरूप है और अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है।
इस योजना के तहत, पेय और अन्य पैकेजिंग वस्तुओं पर एक वापसी योग्य जमा लगाया जाता है, जिसे उपभोक्ता निर्दिष्ट संग्रह बिंदुओं पर कंटेनर लौटाने पर वापस पा सकते हैं।
इससे पैकेजिंग के फेंके जाने की मात्रा घटाने और पुनर्चक्रण दर बढ़ाने का लक्ष्य है।
पायलट कार्यक्रम 12 महीनों के लिए चलेगा, जिसके बाद राज्यों द्वारा डेटा का विश्लेषण कर प्रणाली को विस्तारित करने का निर्णय लिया जाएगा।
यह पहल राष्ट्रीय कचरा प्रबंधन लक्ष्यों के अनुरूप है और अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है।