📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DesiBoy101
धर्म
यमुनापार पर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूँजता दस दिवसीय गणेशोत्सव
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 15 सित. 2026, 07:36 PM
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दिल्ली के यमुनापार पर दस दिवसीय गणेशोत्सव की भव्य शुरुआत हुई, जहाँ भीड़ ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ का नारा लगाया।
दिल्ली के यमुनापार तट पर शनिवार को दस दिवसीय गणेशोत्सव का भव्य उद्घाटन हुआ। श्रद्धालुओं ने सुबह‑सवेरे इकट्ठा होकर “गणपति बप्पा मोरया” का नारा एक साथ लगाया, जिससे माहौल में उत्सव की ऊर्जा भर गई।
आयोजनकर्ता ने सजाए हुए मंच पर नवस्थापित गणेश की मूर्ति स्थापित की, जिसके चारों ओर फूलों की सजावट और रोशनी की लकीरें थीं। उद्घाटन में संक्षिप्त प्रार्थना के बाद ढोलक और भजन की ध्वनि ने तट को गूँजते हुए भर दिया।
यह कार्यक्रम शहर भर में चलने वाले दस दिवसीय गणेशोत्सव का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न वर्गों के लोगों को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए एकत्रित करना है। स्थानीय निवासी और आगंतुक दोनों ने मिठाइयाँ बाँटते हुए पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।
प्राधिकरणों ने भीड़ नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की है, जिससे उत्सव सुगमता से चल सके। जैसे‑जैसे दिन बीतेगा, शाम को और भी बड़ी भीड़ की अपेक्षा है, और दसवें दिन एक भव्य समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस जीवंत शुरुआत से दिल्ली के सांस्कृतिक कैलेंडर में गणेशोत्सव की महत्ता स्पष्ट होती है, जो इस पावन अवधि में सामाजिक एकता और भक्ति को सुदृढ़ करता है।
आयोजनकर्ता ने सजाए हुए मंच पर नवस्थापित गणेश की मूर्ति स्थापित की, जिसके चारों ओर फूलों की सजावट और रोशनी की लकीरें थीं। उद्घाटन में संक्षिप्त प्रार्थना के बाद ढोलक और भजन की ध्वनि ने तट को गूँजते हुए भर दिया।
यह कार्यक्रम शहर भर में चलने वाले दस दिवसीय गणेशोत्सव का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न वर्गों के लोगों को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए एकत्रित करना है। स्थानीय निवासी और आगंतुक दोनों ने मिठाइयाँ बाँटते हुए पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।
प्राधिकरणों ने भीड़ नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की है, जिससे उत्सव सुगमता से चल सके। जैसे‑जैसे दिन बीतेगा, शाम को और भी बड़ी भीड़ की अपेक्षा है, और दसवें दिन एक भव्य समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस जीवंत शुरुआत से दिल्ली के सांस्कृतिक कैलेंडर में गणेशोत्सव की महत्ता स्पष्ट होती है, जो इस पावन अवधि में सामाजिक एकता और भक्ति को सुदृढ़ करता है।