गंगा के उफान से अथमलगोला प्रखंड के रामनगर दियारा क्षेत्र में तबाही
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि भीषण जलभराव के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से भोजन, पीने का साफ पानी, दवा और मवेशियों के चारे का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है।
गंगा के उफान ने अथमलगोला प्रखंड के रामनगर दियारा क्षेत्र में तबाही मचा रखी है। बाढ़ का पानी घरों में घुसे दस दिन से अधिक बीत चुके हैं, जिससे वार्ड संख्या 9, 10 और 11 समेत गणपत राय टोला में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इतने विकट हैं कि ग्रामीण छतों और सड़कों पर शरण लेने को मजबूर हैं।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि भीषण जलभराव के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से भोजन, पीने का साफ पानी, दवा और मवेशियों के चारे का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है।
सरकारी या निजी जांच का विषय लेकिन इलाके में ओवरलोड नावें तो तैरती दिख रही हैं, वहीँ ग्रामीणों का कहना है कि ये नावें केवल आवागमन तक सीमित हैं और राहत सामग्री के वितरण में कोई मदद नहीं मिल रही है।बाढ़ के कारण बच्चों की शिक्षा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्कूल जाने के लिए बच्चों को जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि हर साल आने वाली इस त्रासदी को लेकर प्रशासन की पूर्व तैयारियां आखिर धरातल पर क्यों नजर नहीं आतीं?
मामले पर अथमलगोला के अंचलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि रामनगर दियारा की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। मीडिया के माध्यम से सामने आई समस्याओं का संज्ञान लिया गया है। प्रभावित परिवारों की जरूरतों का आकलन कर जल्द ही आवश्यक राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधाएं और चारे की व्यवस्था कराई जा रही है।
सरकारी या निजी जांच का विषय लेकिन इलाके में ओवरलोड नावें तो तैरती दिख रही हैं, वहीँ ग्रामीणों का कहना है कि ये नावें केवल आवागमन तक सीमित हैं और राहत सामग्री के वितरण में कोई मदद नहीं मिल रही है।बाढ़ के कारण बच्चों की शिक्षा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्कूल जाने के लिए बच्चों को जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि हर साल आने वाली इस त्रासदी को लेकर प्रशासन की पूर्व तैयारियां आखिर धरातल पर क्यों नजर नहीं आतीं?
मामले पर अथमलगोला के अंचलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि रामनगर दियारा की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। मीडिया के माध्यम से सामने आई समस्याओं का संज्ञान लिया गया है। प्रभावित परिवारों की जरूरतों का आकलन कर जल्द ही आवश्यक राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधाएं और चारे की व्यवस्था कराई जा रही है।