📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sukumar Ray
अपराध
42 साल बाद ब्रुनेई में सुक्रमा कुरुप की नई झलक
✍️ The Indian Express
🗓 29 अग. 2026, 04:41 PM
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भारतीय जांच एजेंसियों का कहना है कि सुक्रमा कुरुप के समान दिखने वाले व्यक्ति को ब्रुनेई में देखा गया, साथ ही एक विवादित फोटो भी वायरल हो रही है।
सुकुमार कुरुप का मामला, जो 1984 में बीमा धोखाधड़ी के तहत एक किशोर की हत्या करके भाग गया, 42 साल बाद फिर से सुर्खियों में आया है। कुरुप को भारत के सबसे बड़े फरार अपराधियों में गिना जाता है और उसके खिलाफ कई सालों से खोज चल रही थी।
अगस्त की शुरुआत में नई दिल्ली के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक सूचना मिली कि ब्रुनेई के राजधानी बैंडर सेरी बेगावन में एक व्यक्ति को कुरुप के समान दिखते हुए देखा गया। स्थानीय स्रोत ने बताया कि वह व्यक्ति एक लोकप्रिय एक्सपैट्री कैफ़े में अक्सर जाता है। इस सूचना के साथ एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें कहा गया कि वह वही फरार है।
भारतीय पुलिस ने इस जानकारी को स्वीकार किया, पर साथ ही कहा कि फोटो की प्रामाणिकता अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने ब्रुनेई रॉयल पुलिस के साथ संपर्क स्थापित कर आधिकारिक पुष्टि और संभावित गिरफ्तारी के लिए सहयोग की मांग की है। फ़ोटो की फ़ोरेंसिक जांच के बाद ही इस दावे को सत्य माना जाएगा।
यदि यह सूचना सही साबित होती है, तो यह भारत के सबसे पुराने फरारी मामलों में से एक में बड़ी प्रगति हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
क़ानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी गिरफ्तारी के लिए जटिल कूटनीतिक प्रक्रियाओं की जरूरत होगी, क्योंकि संदेहित व्यक्ति भारतीय अधिकार क्षेत्र से बाहर है। जांच जारी है और जनता से अप्रमाणित तस्वीरें साझा न करने की अपील की गई है।
अगस्त की शुरुआत में नई दिल्ली के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक सूचना मिली कि ब्रुनेई के राजधानी बैंडर सेरी बेगावन में एक व्यक्ति को कुरुप के समान दिखते हुए देखा गया। स्थानीय स्रोत ने बताया कि वह व्यक्ति एक लोकप्रिय एक्सपैट्री कैफ़े में अक्सर जाता है। इस सूचना के साथ एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें कहा गया कि वह वही फरार है।
भारतीय पुलिस ने इस जानकारी को स्वीकार किया, पर साथ ही कहा कि फोटो की प्रामाणिकता अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने ब्रुनेई रॉयल पुलिस के साथ संपर्क स्थापित कर आधिकारिक पुष्टि और संभावित गिरफ्तारी के लिए सहयोग की मांग की है। फ़ोटो की फ़ोरेंसिक जांच के बाद ही इस दावे को सत्य माना जाएगा।
यदि यह सूचना सही साबित होती है, तो यह भारत के सबसे पुराने फरारी मामलों में से एक में बड़ी प्रगति हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
क़ानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी गिरफ्तारी के लिए जटिल कूटनीतिक प्रक्रियाओं की जरूरत होगी, क्योंकि संदेहित व्यक्ति भारतीय अधिकार क्षेत्र से बाहर है। जांच जारी है और जनता से अप्रमाणित तस्वीरें साझा न करने की अपील की गई है।