📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kashmira69
बिज़नेस
सिलाई मशीन से 50 करोड़ रुपये के ब्रांड तक: पारुल गुलाटी की निश हेयर कहानी
✍️ The Indian Express
🗓 22 अग. 2026, 10:38 PM
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उद्यमी पारुल गुलाटी ने सिलाई मशीन से शुरू करके निश हेयर को 50 करोड़ रुपये के ब्रांड में बदला, अब उनका 4‑बीएचके डुप्लेक्स इस सफलता को दर्शाता है।
पारुल गुलाटी, निश हेयर ब्रांड की संस्थापक, ने अपने व्यवसाय की शुरुआत एक साधारण सिलाई मशीन से की थी। वर्षों में उत्पादों की विविधता और बाजार पहुंच बढ़ाने के बाद, ब्रांड का मूल्यांकन लगभग 50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इंडियन एक्सप्रेस ने हाल ही में गुलाटी के चार बेडरूम वाले डुप्लेक्स का दौरा किया, जहाँ उन्होंने बताया कि यह आलीशान घर उद्यमी की तेज़ उन्नति का प्रतीक है। यह प्रीमियम क्षेत्र में स्थित विशाल घर न केवल व्यक्तिगत शरणस्थल है, बल्कि ब्रांड की वित्तीय वृद्धि का भी प्रमाण है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि निश हेयर की सफलता सस्ती और गुणवत्ता वाले उत्पादों पर केंद्रित रणनीति के कारण है, जो भारतीय उपभोक्ताओं की विस्तृत श्रेणी को आकर्षित करती है। गुलाटी की कहानी छोटे स्टार्ट‑अप्स के बड़े पैमाने पर विकास की संभावनाओं को उजागर करती है।
ब्रांड नई श्रृंखलाएँ लॉन्च करता रहता है, जबकि गुलाटी अपने घर के कार्यालय से उत्पाद विकास और मार्केटिंग रणनीतियों की देखरेख करती रहती हैं। सिलाई मशीन से मल्टी‑क्रोड़ उद्यम तक उनका सफर भारत में फलते-फूलते उद्यमशीलता भावना का उदाहरण है।
इंडियन एक्सप्रेस ने हाल ही में गुलाटी के चार बेडरूम वाले डुप्लेक्स का दौरा किया, जहाँ उन्होंने बताया कि यह आलीशान घर उद्यमी की तेज़ उन्नति का प्रतीक है। यह प्रीमियम क्षेत्र में स्थित विशाल घर न केवल व्यक्तिगत शरणस्थल है, बल्कि ब्रांड की वित्तीय वृद्धि का भी प्रमाण है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि निश हेयर की सफलता सस्ती और गुणवत्ता वाले उत्पादों पर केंद्रित रणनीति के कारण है, जो भारतीय उपभोक्ताओं की विस्तृत श्रेणी को आकर्षित करती है। गुलाटी की कहानी छोटे स्टार्ट‑अप्स के बड़े पैमाने पर विकास की संभावनाओं को उजागर करती है।
ब्रांड नई श्रृंखलाएँ लॉन्च करता रहता है, जबकि गुलाटी अपने घर के कार्यालय से उत्पाद विकास और मार्केटिंग रणनीतियों की देखरेख करती रहती हैं। सिलाई मशीन से मल्टी‑क्रोड़ उद्यम तक उनका सफर भारत में फलते-फूलते उद्यमशीलता भावना का उदाहरण है।