📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jim Evans
राजनीति
पूर्व पटना हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मीनांकी मदन राय को सिख अधिकार पैनल के प्रमुख नियुक्त
✍️ India Today NE
🗓 25 अग. 2026, 01:37 AM
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सिक्किम सरकार ने पूर्व पटना हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मीनांकी मदन राय को राज्य के मानवाधिकार पैनल के प्रमुख नियुक्त किया।
सिक्किम सरकार ने घोषणा की कि पूर्व पटना हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मीनांकी मदन राय राज्य के मानवाधिकार पैनल की अध्यक्षता करेंगी। पटना हाई कोर्ट से सेवानिवृत्त होकर लंबी और सम्मानित न्यायिक यात्रा के बाद, राय अपने व्यापक कानूनी अनुभव को इस निगरानी निकाय में लाएँगी।
मानवाधिकार पैनल, जो सिक्किम में नागरिक स्वतंत्रताओं की निगरानी और सुरक्षा के लिए स्थापित किया गया है, अब उनकी अध्यक्षता में कार्य करेगा। उनका चयन राज्य की संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि राय नागरिक समाज के संगठनों के साथ समन्वय, अधिकार उल्लंघन की शिकायतों की समीक्षा और राज्य प्रशासन को नीति‑सुझाव प्रदान करने का कार्य संभालेंगी। यह नियुक्ति मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा सकारात्मक रूप से देखी गई है, जो शिकायतों के समाधान में अधिक सक्रियता की आशा रखते हैं।
पैनल का दायरा अधिकार उल्लंघनों की जाँच, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करना और विधायी सुधारों पर सरकार को सलाह देना शामिल है। राय के नेतृत्व से राज्य के शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।
मानवाधिकार पैनल, जो सिक्किम में नागरिक स्वतंत्रताओं की निगरानी और सुरक्षा के लिए स्थापित किया गया है, अब उनकी अध्यक्षता में कार्य करेगा। उनका चयन राज्य की संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि राय नागरिक समाज के संगठनों के साथ समन्वय, अधिकार उल्लंघन की शिकायतों की समीक्षा और राज्य प्रशासन को नीति‑सुझाव प्रदान करने का कार्य संभालेंगी। यह नियुक्ति मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा सकारात्मक रूप से देखी गई है, जो शिकायतों के समाधान में अधिक सक्रियता की आशा रखते हैं।
पैनल का दायरा अधिकार उल्लंघनों की जाँच, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करना और विधायी सुधारों पर सरकार को सलाह देना शामिल है। राय के नेतृत्व से राज्य के शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।