📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Snehrashmi
अपराध
गुजरात के पिता 14 साल बाद भी बेटे की मौत पर न्याय में देरी को दोषी मानते हैं
✍️ The Indian Express
🗓 30 अग. 2026, 07:19 PM
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बेटे की मौत को 14 साल हो चुके हैं, गुजरात के पिता कहते हैं कि न्याय में हुई लंबी देरी ने उनका दुःख और बढ़ा दिया है।
गुजरात के एक पिता को अपने बेटे की मौत का दर्द अब भी सताता है, जो 14 साल पहले हुई थी। वह लगातार यह कहते आ रहे हैं कि न्याय प्रक्रिया की धीमी गति ने उनके शोक को और गहरा कर दिया है, जिससे व्यक्तिगत त्रासदी एक लंबी पीड़ा बन गई है।
पिता, जो अब तक अधिक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे, कहते हैं कि हर बीतता साल बिना निर्णायक आदेश के उनके बेटे की अनुपस्थिति को और बढ़ा देता है। वह इस निरंतर पीड़ा को न्याय में हुई प्रणालीगत देरी का परिणाम मानते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबी चलने वाली मामलों की संख्या असामान्य नहीं है, पर ऐसी देरी से प्रभावित परिवारों को मिलने वाला भावनात्मक बोझ न्यायिक बैकलॉग के मानवीय मूल्य को उजागर करता है। पिता की बातों से तेज़ न्याय की व्यापक मांग की ओर इशारा मिलता है।
हालांकि इस विशेष मामले में अभी तक कोई नई प्रगति की सूचना नहीं मिली है, पिता का बयान गुजरात में पीड़ित परिवारों पर देर से न्याय के स्थायी प्रभाव को याद दिलाता है।
पिता, जो अब तक अधिक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे, कहते हैं कि हर बीतता साल बिना निर्णायक आदेश के उनके बेटे की अनुपस्थिति को और बढ़ा देता है। वह इस निरंतर पीड़ा को न्याय में हुई प्रणालीगत देरी का परिणाम मानते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबी चलने वाली मामलों की संख्या असामान्य नहीं है, पर ऐसी देरी से प्रभावित परिवारों को मिलने वाला भावनात्मक बोझ न्यायिक बैकलॉग के मानवीय मूल्य को उजागर करता है। पिता की बातों से तेज़ न्याय की व्यापक मांग की ओर इशारा मिलता है।
हालांकि इस विशेष मामले में अभी तक कोई नई प्रगति की सूचना नहीं मिली है, पिता का बयान गुजरात में पीड़ित परिवारों पर देर से न्याय के स्थायी प्रभाव को याद दिलाता है।