📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Imanushkasingh
कृषि
भोपाल मास्टर प्लान‑2047 के ड्राफ्ट पर किसान‑व्यापारी का विरोध, 66 गांवों की जमीन और तालाब के कैचमेंट को लेकर
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 23 अक्टू. 2026, 06:15 PM
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किसान‑व्यापारी ने भोपाल मास्टर प्लान‑2047 के ड्राफ्ट के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई है, जिसमें 66 गांवों की कृषि भूमि, बड़े तालाब का कैचमेंट क्षेत्र और निर्माण नियमों में बदलाव को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
भोपाल के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) कार्यालय में किसान‑व्यापारी ने भोपाल मास्टर प्लान‑2047 के ड्राफ्ट के खिलाफ आपत्ति दर्ज की। यह योजना 2047 तक शहर के विकास को दिशा देने के लिए तैयार की गई है, परन्तु कृषि समुदाय ने इसे आलोचना की है।
आवेदनकर्ताओं का कहना है कि ड्राफ्ट में 66 गांवों की कृषि भूमि को गैर‑कृषि उपयोग के लिए निर्धारित किया गया है। साथ ही बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र को विकास क्षेत्र में शामिल करने से जल संसाधन और खेती पर नकारात्मक असर पड़ेगा, उनका दावा है। निर्माण नियमों में प्रस्तावित बदलाव को भी वे वाणिज्यिक हितों के पक्ष में मान रहे हैं, जिससे पारंपरिक भूमिधारकों को नुकसान हो सकता है।
समूह ने चेतावनी दी है कि यदि योजना में संशोधन नहीं किया गया तो किसानों का विस्थापन और उपजाऊ भूमि का नुकसान हो सकता है। उन्होंने कृषि क्षेत्रों की सुरक्षा और तालाब के कैचमेंट की स्थिति पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
TNCP ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परन्तु अंतिम अनुमोदन से पहले इन आपत्तियों की समीक्षा की जाएगी।
आवेदनकर्ताओं का कहना है कि ड्राफ्ट में 66 गांवों की कृषि भूमि को गैर‑कृषि उपयोग के लिए निर्धारित किया गया है। साथ ही बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र को विकास क्षेत्र में शामिल करने से जल संसाधन और खेती पर नकारात्मक असर पड़ेगा, उनका दावा है। निर्माण नियमों में प्रस्तावित बदलाव को भी वे वाणिज्यिक हितों के पक्ष में मान रहे हैं, जिससे पारंपरिक भूमिधारकों को नुकसान हो सकता है।
समूह ने चेतावनी दी है कि यदि योजना में संशोधन नहीं किया गया तो किसानों का विस्थापन और उपजाऊ भूमि का नुकसान हो सकता है। उन्होंने कृषि क्षेत्रों की सुरक्षा और तालाब के कैचमेंट की स्थिति पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
TNCP ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परन्तु अंतिम अनुमोदन से पहले इन आपत्तियों की समीक्षा की जाएगी।