📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sayhi2kojo
कृषि
अजमेर के किसानों ने गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल की मांग की
✍️ Amar Ujala · Ajmer
🗓 07 नव. 2026, 12:38 PM
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अजमेर के गन्ना किसान सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य को ₹600 प्रति क्विंटल तक बढ़ाने की औपचारिक मांग कर रहे हैं, क्योंकि उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है।
अजमेर के गन्ना किसान ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को ₹600 प्रति क्विंटल तक बढ़ाने की सामूहिक मांग प्रस्तुत की है। किसानों का कहना है कि मौजूदा एमएसपी बीज, उर्वरक और श्रम जैसी बढ़ती लागतों को कवर नहीं कर पा रहा, जिससे उनकी आय पर दबाव बन रहा है।
यह मांग राज्य कृषि विभाग को राजस्थान गन्ना किसान संघ के प्रतिनिधियों और स्थानीय किसान नेताओं के साथ एक बैठक में दी गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि उच्च एमएसपी से किसान आय स्थिर होगी और वे कम जल‑सघन फसलों की ओर रुख नहीं करेंगे।
राज्य अधिकारियों ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और बताया कि 2024‑25 के एमएसपी पुनरावलोकन के दौरान इस पर विचार किया जाएगा। अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है, और किसान सरकार की प्रतिक्रिया को बारीकी से देख रहे हैं।
यदि यह मांग पूरी होती है, तो यह वर्तमान मूल्य से काफी अधिक होगी, जिससे क्षेत्र के शुगर मिलों और प्रसंस्करण इकाइयों की लागत संरचना पर असर पड़ सकता है। सभी पक्ष सरकार से मूल्य संशोधन की समयसीमा के बारे में स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
यह मांग राज्य कृषि विभाग को राजस्थान गन्ना किसान संघ के प्रतिनिधियों और स्थानीय किसान नेताओं के साथ एक बैठक में दी गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि उच्च एमएसपी से किसान आय स्थिर होगी और वे कम जल‑सघन फसलों की ओर रुख नहीं करेंगे।
राज्य अधिकारियों ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और बताया कि 2024‑25 के एमएसपी पुनरावलोकन के दौरान इस पर विचार किया जाएगा। अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है, और किसान सरकार की प्रतिक्रिया को बारीकी से देख रहे हैं।
यदि यह मांग पूरी होती है, तो यह वर्तमान मूल्य से काफी अधिक होगी, जिससे क्षेत्र के शुगर मिलों और प्रसंस्करण इकाइयों की लागत संरचना पर असर पड़ सकता है। सभी पक्ष सरकार से मूल्य संशोधन की समयसीमा के बारे में स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।