📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gitartha.bordoloi
मनोरंजन
ज़ुबीन गार्ग की स्मृति स्थल पर पहली पुण्यतिथि के अवसर पर भीड़
✍️ India Today NE
🗓 18 सित. 2026, 06:16 PM
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गायक ज़ुबीन गार्ग की पुण्यतिथि के पहले दिन के करीब, उनके स्मृति स्थल पर समर्थकों ने फूल चढ़ाए और दीप जलाए।
ज़ुबीन गार्ग के निधन की पहली पुण्यतिथि के निकट, उनके स्मृति स्थल पर समर्थकों की भीड़ इकट्ठा हुई। लोग फूलों की माला चढ़ाते और दीप जलाते हुए शोक व्यक्त कर रहे थे।
स्थल पर गार्ग के लोकप्रिय गीतों की धुनें बज रही थीं, और कई उपस्थित लोग उनके चित्र हाथ में लेकर गा रहे थे। स्थानीय स्वयंसेवकों ने गीतों के शब्द लिखे हुए पर्चे बांटे, जिससे सभी मिलकर स्मरण में भाग ले सके।
सोशल मीडिया पर भीड़ की तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए, जिससे गार्ग के असमिया संगीत पर पड़े गहरे प्रभाव और पूरे देश में उनके प्रशंसकों की भावनाएँ उजागर हुईं।
प्रशासन ने इस सभा को बिना किसी प्रतिबंध के अनुमति दी, और स्मृति स्थल पूरे दिन जनता के लिए खुला रहा। आयोजकों ने बताया कि पुण्यतिथि के पूरे अवधि में इस प्रकार की श्रद्धांजलि जारी रहेगी, जिससे और अधिक लोग सम्मान अर्पित कर सकें।
समग्र रूप से, यह सभा ज़ुबीन गार्ग की सांस्कृतिक महत्ता और उनके प्रशंसकों की अटूट निष्ठा को दर्शाती है, जो उनके निधन के एक साल बाद भी उनके योगदान को याद कर रहे हैं।
स्थल पर गार्ग के लोकप्रिय गीतों की धुनें बज रही थीं, और कई उपस्थित लोग उनके चित्र हाथ में लेकर गा रहे थे। स्थानीय स्वयंसेवकों ने गीतों के शब्द लिखे हुए पर्चे बांटे, जिससे सभी मिलकर स्मरण में भाग ले सके।
सोशल मीडिया पर भीड़ की तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए, जिससे गार्ग के असमिया संगीत पर पड़े गहरे प्रभाव और पूरे देश में उनके प्रशंसकों की भावनाएँ उजागर हुईं।
प्रशासन ने इस सभा को बिना किसी प्रतिबंध के अनुमति दी, और स्मृति स्थल पूरे दिन जनता के लिए खुला रहा। आयोजकों ने बताया कि पुण्यतिथि के पूरे अवधि में इस प्रकार की श्रद्धांजलि जारी रहेगी, जिससे और अधिक लोग सम्मान अर्पित कर सकें।
समग्र रूप से, यह सभा ज़ुबीन गार्ग की सांस्कृतिक महत्ता और उनके प्रशंसकों की अटूट निष्ठा को दर्शाती है, जो उनके निधन के एक साल बाद भी उनके योगदान को याद कर रहे हैं।