📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raphael Tuck & Sons, London
अपराध
भोपाल में फर्जी GST नंबर से 10 लाख का MSME लोन, 5 पर FIR
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 18 सित. 2026, 03:31 PM
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भोपाल में पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ और नकली GST नंबर से 10 लाख रुपये का MSME लोन लेने वाले पाँच लोगों, जिसमें बैंक मैनेजर भी शामिल है, पर FIR दर्ज की है। लोन के बदले वादा की गई मशीन पीड़ित को नहीं मिली।
भोपाल में आर्थिक अपराध शाखा ने पाँच व्यक्तियों, जिनमें एक बैंक मैनेजर भी शामिल है, के खिलाफ फर्जी GST नंबर और नकली दस्तावेज़ों से 10 लाख रुपये का MSME लोन प्राप्त करने के मामले में FIR दर्ज की है। लोन के बदले वादा किया गया उपकरण पीड़ित को कभी नहीं मिला, जिससे धोखाधड़ी उजागर हुई।
जांच में पता चला कि फर्जी GST पंजीकरण का उपयोग करके लोन की पात्रता मानदंडों को तोड़ा गया, जिससे संदेहास्पद समूह ने बैंक की सत्यापन प्रक्रिया को बायपास किया। पुलिस ने सभी पाँच आरोपियों को दस्तावेज़ी जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत गिरफ्तार किया है।
पीड़ित ने बताया कि लोन जारी होने के बाद भी वादा किया गया मशीनरी नहीं पहुँची, इसलिए वह बैंक में शिकायत दर्ज कराता है, जिसके बाद मामला आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा गया। पुलिस ने संबंधित कागजात जब्त कर ली हैं और बैंक की आंतरिक नियंत्रण प्रणाली की जांच कर रही है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों में अन्य MSME उधारग्राहकों को भी जोखिम हो सकता है, इसलिए वित्तीय संस्थानों को GST विवरण की सीधी पुष्टि करनी चाहिए और कड़ी जांच करनी चाहिए।
यह घटना डिजिटल पहचान के दुरुपयोग और वित्तीय लेन‑देन में कड़ी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है, विशेषकर राज्य में लोन अनुमोदन प्रक्रियाओं के सुदृढ़ीकरण की ओर इशारा करती है।
जांच में पता चला कि फर्जी GST पंजीकरण का उपयोग करके लोन की पात्रता मानदंडों को तोड़ा गया, जिससे संदेहास्पद समूह ने बैंक की सत्यापन प्रक्रिया को बायपास किया। पुलिस ने सभी पाँच आरोपियों को दस्तावेज़ी जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत गिरफ्तार किया है।
पीड़ित ने बताया कि लोन जारी होने के बाद भी वादा किया गया मशीनरी नहीं पहुँची, इसलिए वह बैंक में शिकायत दर्ज कराता है, जिसके बाद मामला आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा गया। पुलिस ने संबंधित कागजात जब्त कर ली हैं और बैंक की आंतरिक नियंत्रण प्रणाली की जांच कर रही है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों में अन्य MSME उधारग्राहकों को भी जोखिम हो सकता है, इसलिए वित्तीय संस्थानों को GST विवरण की सीधी पुष्टि करनी चाहिए और कड़ी जांच करनी चाहिए।
यह घटना डिजिटल पहचान के दुरुपयोग और वित्तीय लेन‑देन में कड़ी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है, विशेषकर राज्य में लोन अनुमोदन प्रक्रियाओं के सुदृढ़ीकरण की ओर इशारा करती है।