📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / mage Science and Analysis Laboratory, NASA-Johnson
अपराध
पूर्व महाराष्ट्र परिवहन प्रमुख ने कहा, आरटीओ सालाना 1,700 करोड़ रुपये रिश्वत लेते हैं
✍️ Mid-Day
🗓 03 सित. 2026, 08:48 AM
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एक पूर्व महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त ने कहा है कि राज्य के आरटीओ हर साल लगभग 1,700 करोड़ रुपये की रिश्वत ले रहे हैं, यह बात मिड‑डे ने रिपोर्ट की।
महाराष्ट्र के पूर्व परिवहन आयुक्त ने सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया है कि राज्य के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) हर साल लगभग 1,700 करोड़ रुपये की रिश्वत ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अवैध धनराशि वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और परमिट सुविधा जैसी नियमित सेवाओं से आती है।
पूर्व अधिकारी के अनुसार यह प्रथा एकल घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थित है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों को इस अनौपचारिक शुल्क के संग्रह में समन्वय करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि यह पैसा मध्यस्थों के एक नेटवर्क के माध्यम से जमा किया जाता है, जो तेज या विशेष प्रक्रिया चाहते आवेदकों से नकद लेता है।
यह आरोप मिड‑डे समाचार पत्र के साथ एक साक्षात्कार में दिया गया। महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
यदि यह आरोप सत्य साबित होता है, तो राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों द्वारा जांच शुरू हो सकती है और परिवहन प्रशासन में शासन व जनता के भरोसे को लेकर गंभीर प्रश्न उठेंगे।
पूर्व अधिकारी के अनुसार यह प्रथा एकल घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थित है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों को इस अनौपचारिक शुल्क के संग्रह में समन्वय करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि यह पैसा मध्यस्थों के एक नेटवर्क के माध्यम से जमा किया जाता है, जो तेज या विशेष प्रक्रिया चाहते आवेदकों से नकद लेता है।
यह आरोप मिड‑डे समाचार पत्र के साथ एक साक्षात्कार में दिया गया। महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
यदि यह आरोप सत्य साबित होता है, तो राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों द्वारा जांच शुरू हो सकती है और परिवहन प्रशासन में शासन व जनता के भरोसे को लेकर गंभीर प्रश्न उठेंगे।