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एक साल से खुदी पड़ी हैं सिकंदराराऊ की सड़कें, जनता बेहाल - जल निगम ने मांगा 2 महीने का एक्सटेंशन, आखिर कब मिलेगी राहत?
सिकंदराराऊ में जल निगम द्वारा खोदी गई सड़कें एक साल बाद भी बदहाल हैं। गलियों से लेकर GT रोड तक गड्ढे और धूल से जनता परेशान है। शिकायतें जनसुनवाई से लेकर DM तक पहुंची हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब जल निगम के सहायक अभियंता का कहना है कि एक विभाग ने 2 महीने का एक्सटेंशन लिया है, जल्द काम पूरा होगा।
सिकंदराराऊ में विकास के नाम पर सड़कों की खुदाई तो हुई, लेकिन मरम्मत के नाम पर सन्नाटा पसरा है।
करीब एक साल बीतने को है, जब जल निगम ने पेयजल लाइन के लिए गलियों से लेकर मुख्य GT रोड तक की सड़कों को खोद डाला था, मगर आज तक उन सड़कों को सही नहीं किया गया।
नतीजा ये है कि पूरे शहर की सड़कें बदहाल पड़ी हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उड़ी हुई गिट्टियां और धूल के गुबार से आम जनता त्रस्त है। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का निकलना मुश्किल हो गया है।
इस समस्या को लेकर जनता जनसुनवाई से लेकर जिलाधिकारी हाथरस तक कई बार शिकायत कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली।
वहीं जब इस मामले पर जल निगम के सहायक अभियंता से बात की गई, तो उनका कहना है कि एक विभाग ने 2 महीने का एक्सटेंशन लिया है और बचे हुए अधूरे कार्यों को जल्द ही पूरा करा दिया जाएगा।
अब बड़ा सवाल यही है कि करीब एक साल से धूल और गड्ढों में जी रही सिकंदराराऊ की जनता को और 2 महीने इंतजार क्यों करना पड़ेगा? आखिर सिकंदराराऊ की बदहाली दूर कब होगी और इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? पूछती है सिकंदराराऊ की जनता।
करीब एक साल बीतने को है, जब जल निगम ने पेयजल लाइन के लिए गलियों से लेकर मुख्य GT रोड तक की सड़कों को खोद डाला था, मगर आज तक उन सड़कों को सही नहीं किया गया।
नतीजा ये है कि पूरे शहर की सड़कें बदहाल पड़ी हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उड़ी हुई गिट्टियां और धूल के गुबार से आम जनता त्रस्त है। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का निकलना मुश्किल हो गया है।
इस समस्या को लेकर जनता जनसुनवाई से लेकर जिलाधिकारी हाथरस तक कई बार शिकायत कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली।
वहीं जब इस मामले पर जल निगम के सहायक अभियंता से बात की गई, तो उनका कहना है कि एक विभाग ने 2 महीने का एक्सटेंशन लिया है और बचे हुए अधूरे कार्यों को जल्द ही पूरा करा दिया जाएगा।
अब बड़ा सवाल यही है कि करीब एक साल से धूल और गड्ढों में जी रही सिकंदराराऊ की जनता को और 2 महीने इंतजार क्यों करना पड़ेगा? आखिर सिकंदराराऊ की बदहाली दूर कब होगी और इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? पूछती है सिकंदराराऊ की जनता।