📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish Yadav
देश
झुंझुनूं में सड़क निर्माण में 8 मजदूरों की मौत, पीएम मोदी ने सहायता की घोषणा
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 02 नव. 2026, 08:31 PM
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झुंझुनूं के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान मिक्सर मशीन में करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत हो गई, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता का वादा किया।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान मिक्सर मशीन में करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत हो गई। यह दुर्घटना तब हुई जब कामगार मशीन को संभालते समय विद्युत प्रवाह से प्रभावित हुए, जिससे सभी तुरंत ही निधन हो गया।
घटना के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों की सुरक्षा और उनके परिवारों के कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। यह सहायता राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जो现场 पर उपस्थित थे, ने सुरक्षा मानकों और विद्युत ग्राउंडिंग की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने सार्वजनिक कार्य विभाग से अनुरोध किया कि वह सभी निर्माण उपकरणों की सुरक्षा जांच कराए और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करे।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में मशीन की ग्राउंडिंग, रख‑रखाव और ठेकेदार की जिम्मेदारी को देखा जाएगा। जांच के परिणामों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना भारत में बुनियादी ढांचा निर्माण के दौरान श्रमिक सुरक्षा की कमी को उजागर करती है, जिससे प्रशिक्षण, नियमित उपकरण जांच और सुरक्षा नियमों के कड़े पालन की मांग बढ़ रही है।
घटना के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों की सुरक्षा और उनके परिवारों के कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। यह सहायता राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जो现场 पर उपस्थित थे, ने सुरक्षा मानकों और विद्युत ग्राउंडिंग की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने सार्वजनिक कार्य विभाग से अनुरोध किया कि वह सभी निर्माण उपकरणों की सुरक्षा जांच कराए और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करे।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में मशीन की ग्राउंडिंग, रख‑रखाव और ठेकेदार की जिम्मेदारी को देखा जाएगा। जांच के परिणामों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना भारत में बुनियादी ढांचा निर्माण के दौरान श्रमिक सुरक्षा की कमी को उजागर करती है, जिससे प्रशिक्षण, नियमित उपकरण जांच और सुरक्षा नियमों के कड़े पालन की मांग बढ़ रही है।