📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lorie Shaull
विज्ञान
जश्न में पेड़ों को रोशन करने की प्रवृत्ति पर पर्यावरणविद् ने जताया विरोध
✍️ The Times of India
🗓 08 नव. 2026, 05:05 AM
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पर्यावरणविद् ने त्योहारों में पेड़ों को लाइट से सजाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर आपत्ति जताई, पर्यावरणीय नुकसान की चेतावनी दी।
भारत भर के पर्यावरण संगठनों ने दिवाली, क्रिसमस जैसे त्यौहारों में पेड़ों को लाइट से सजाने की बढ़ती प्रवृत्ति की कड़ी निंदा की है। वे कहते हैं कि यह दिखावटी प्रथा अनावश्यक ऊर्जा की खपत करती है और कार्बन उत्सर्जन में इज़ाफ़ा करती है।
विज्ञानियों का कहना है कि तेज़ रोशनी रात्रीजीवी पक्षियों और कीड़ों के प्राकृतिक जीवन चक्र को बाधित करती है, जिससे उनका भोजन और प्रजनन प्रभावित होता है। साथ ही, बार‑बार इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक सजावट अक्सर प्लास्टिक कचरा बनाते हैं, जो शहरी‑ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को प्रदूषित करता है।
पर्यावरणविद् अधिकारियों और जनता से अधिक टिकाऊ विकल्प अपनाने का आग्रह कर रहे हैं, जैसे कम ऊर्जा वाले LED लाइट, सौर ऊर्जा से चलने वाले सजावट, या सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाश केंद्रित करना। उनका तर्क है कि त्यौहारों की खुशियों को पर्यावरण के नुकसान के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
विज्ञानियों का कहना है कि तेज़ रोशनी रात्रीजीवी पक्षियों और कीड़ों के प्राकृतिक जीवन चक्र को बाधित करती है, जिससे उनका भोजन और प्रजनन प्रभावित होता है। साथ ही, बार‑बार इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक सजावट अक्सर प्लास्टिक कचरा बनाते हैं, जो शहरी‑ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को प्रदूषित करता है।
पर्यावरणविद् अधिकारियों और जनता से अधिक टिकाऊ विकल्प अपनाने का आग्रह कर रहे हैं, जैसे कम ऊर्जा वाले LED लाइट, सौर ऊर्जा से चलने वाले सजावट, या सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाश केंद्रित करना। उनका तर्क है कि त्यौहारों की खुशियों को पर्यावरण के नुकसान के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।