📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Election Commission of India
राजनीति
EC ने पश्चिम बंगाल के ट्रिब्यूनल लंबित मामलों को पोस्ट-SIR पुनः नामांकन अभियान से बाहर रखा
✍️ The Hindu
🗓 03 अक्टू. 2026, 01:33 AM
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चुनाव आयोग ने कहा कि उसका पोस्ट-विशेष पहचान पंजीकरण (SIR) मतदाता पुनः नामांकन अभियान पश्चिम बंगाल के उन मामलों को शामिल नहीं करेगा जो वर्तमान में अपीलीय ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। इस निर्णय से राज्य में चुनावी नामावली को ताज़ा करने का चल रहा प्रयास प्रभावित होगा।
चुनाव आयोग ने घोषणा की कि उसका पोस्ट-SIR पुनः नामांकन अभियान पश्चिम बंगाल के उन मामलों को बाहर रखेगा जो वर्तमान में राज्य के अपीलीय ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। यह स्पष्टीकरण देशव्यापी अभियान के अपडेट के हिस्से के रूप में आया, जिसका उद्देश्य विशेष पहचान पंजीकरण (SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूचियों को ताज़ा करना है।
पोस्ट-SIR पुनः नामांकन अभियान SIR सत्यापन प्रक्रिया के बाद उत्पन्न हुए किसी भी बदलाव को शामिल करने के लिए बनाया गया है, ताकि चुनावी नामावली सटीक और अद्यतित रहे। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान अधिकांश राज्यों को कवर करता है, लेकिन न्यायिक समीक्षा में लंबित कुछ मामलों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
पश्चिम बंगाल के लिए, इस बाहर रखने का मतलब है कि राज्य के अपीलीय ट्रिब्यूनल द्वारा वर्तमान में विचाराधीन कोई भी मतदाता‑संबंधित विवाद इस पुनः नामांकन अभियान के माध्यम से नहीं सुलझाया जाएगा। चुनाव आयोग ने कहा कि इन मामलों को ट्रिब्यूनल कार्यवाही समाप्त होने के बाद अलग से निपटाया जाएगा।
पोस्ट-SIR पुनः नामांकन अभियान SIR सत्यापन प्रक्रिया के बाद उत्पन्न हुए किसी भी बदलाव को शामिल करने के लिए बनाया गया है, ताकि चुनावी नामावली सटीक और अद्यतित रहे। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान अधिकांश राज्यों को कवर करता है, लेकिन न्यायिक समीक्षा में लंबित कुछ मामलों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
पश्चिम बंगाल के लिए, इस बाहर रखने का मतलब है कि राज्य के अपीलीय ट्रिब्यूनल द्वारा वर्तमान में विचाराधीन कोई भी मतदाता‑संबंधित विवाद इस पुनः नामांकन अभियान के माध्यम से नहीं सुलझाया जाएगा। चुनाव आयोग ने कहा कि इन मामलों को ट्रिब्यूनल कार्यवाही समाप्त होने के बाद अलग से निपटाया जाएगा।